फरवरी में पास किया टेस्ट
एफ-35 ने फरवरी में अमेरिका के एफ-15 जेट्स के साथ एक टेस्ट को सफलतापूर्वक पास किया था। उस एक्सरसाइज के बाद इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के एक लेफ्टिनेंट-कर्नल ने डिफेंस मैगजीन को बताया था कि अभ्यास के दौरान जेट की पूरी स्क्वाड्रन 10 मिनट से भी कम समय में हवा में ऑपरेट करने में सक्षम है और यह अपने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देगी। हालांकि उस अभ्यास के दौरान भी चार अमेरिकी F-15 जेट बहुत तेज गति से यानी सिर्फ 30 सेकंड या उससे कम के अंदर एक के बाद एक उड़ान भरते नजर आए थे।
एफ-35 ने फरवरी में अमेरिका के एफ-15 जेट्स के साथ एक टेस्ट को सफलतापूर्वक पास किया था। उस एक्सरसाइज के बाद इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के एक लेफ्टिनेंट-कर्नल ने डिफेंस मैगजीन को बताया था कि अभ्यास के दौरान जेट की पूरी स्क्वाड्रन 10 मिनट से भी कम समय में हवा में ऑपरेट करने में सक्षम है और यह अपने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देगी। हालांकि उस अभ्यास के दौरान भी चार अमेरिकी F-15 जेट बहुत तेज गति से यानी सिर्फ 30 सेकंड या उससे कम के अंदर एक के बाद एक उड़ान भरते नजर आए थे।
छह एफ-35 जेट्स ने एक्सरसाइज में उड़ान भरी थी। हर जेट ने सिर्फ 30 से 90 सेकेंड के अंदर ही टेक ऑफ कर लिया था। कम समय में टेक ऑफ करने की वजह से इस जेट ने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। ग्रे कलर के एफ-35 को विशेषज्ञों ने तब चील की तरह करार दिया था। विशेषज्ञों के मुताबिक यह फाइटर जेट, दुनिया के बाकी जेट्स की तुलना में भले ही छोटा दिखता हो लेकिन यह काफी ताकतवर है। इजरायली-अमेरिकी ड्रिल के एक ज्वॉइन्ट कमांडर ने तब बताया था कि एफ-35 छोटे और कम हथियार ले जाने के लिए बनाए गए हैं। ऐसा इसलिए है ताकि उन्हें रडार पर आसानी से इंटरसेप्ट न किया जा सके और वह दुश्मन पर हमला बोल सकें।
हमले के बाद इजरायल में वापसी
आईडीएफ की तरफ से इसके बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन कहा गया था कि यह हर मिशन के लिए रेडी है। कुछ विश्लेषकों ने कहा है कि इजराइल के पास जो विमान है वह ईरान में लक्ष्यों पर काफी दूरी से हमला करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें दागने में पूरी तरह से सक्षम है। साथ ही ईरान की सुरक्षा की सीमा से बाहर रहते हुए या बाहर निकलने की अपनी क्षमता को अधिकतम करते हुए हमला करने के बाद वापस इजरायल तक पहुंचा सकता है।











