स्टोक्स ही करेंगे अगुआई
पिछली गर्मियों में काउंटी चैंपियनशिप के पांच मैच में 20.20 के औसत से 20 विकेट चटकाकर अपनी टीम को लगातार दूसरा खिताब दिलाने में मदद करने वाले गस एटकिंसन को भी पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। विश्व कप के बाद घुटने की सर्जरी कराने वाले बेन स्टोक्स टीम की अगुआई करेंगे, लेकिन यह देखना होगा कि यह ऑलराउंडर गेंदबाजी करता है या नहीं। एशेज टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे विकेटकीपर बल्लेबाज बेन फोक्स की टीम में वापसी हुई है। अनुभवी जेम्स एंडरसन, ओली रोबिनसन, एटकिंसन और मार्क वुड टीम में चार शीर्ष तेज गेंदबाज हैं। पांच टेस्ट की सीरीज हैदराबाद में 25 जनवरी को शुरू होगी।
पिछली गर्मियों में काउंटी चैंपियनशिप के पांच मैच में 20.20 के औसत से 20 विकेट चटकाकर अपनी टीम को लगातार दूसरा खिताब दिलाने में मदद करने वाले गस एटकिंसन को भी पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। विश्व कप के बाद घुटने की सर्जरी कराने वाले बेन स्टोक्स टीम की अगुआई करेंगे, लेकिन यह देखना होगा कि यह ऑलराउंडर गेंदबाजी करता है या नहीं। एशेज टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे विकेटकीपर बल्लेबाज बेन फोक्स की टीम में वापसी हुई है। अनुभवी जेम्स एंडरसन, ओली रोबिनसन, एटकिंसन और मार्क वुड टीम में चार शीर्ष तेज गेंदबाज हैं। पांच टेस्ट की सीरीज हैदराबाद में 25 जनवरी को शुरू होगी।
भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज शेड्यूल
क्या नई रणनीति होगी इंग्लैंड की?
इंग्लैंड टीम के कोच ब्रेंडन मैकुलम का मानना है कि उनकी प्रसिद्ध ‘बाजबॉल’ स्ट्रैटिजी की असली परीक्षा भारत में ही होने वाली है। पिछली बार जब 2020-21 में इंग्लिश टीम भारत आई थी तब मैकुलम इंग्लैंड टीम के साथ नहीं जुड़े थे, लेकिन उन्होंने पिछली सीरीज के प्रदर्शन का अध्ययन जरूर किया होगा। तब भारत ने स्पिन के बूते चार मैच की सीरीज 3-1 से जीती थी। स्पिन की लड़ाई में इंग्लिश टीम बहुत कमजोर पड़ गई थी क्योंकि तब उनके पास सिर्फ दो ही स्पेशलिस्ट स्पिनर थे, लेकिन इस बार भारत की स्पिनिंग पिचों को ध्यान में रखते हुए चार स्पिनर के साथ आ रहे हैं। यानी भारत को भारत में ही मात देने के लिए इंग्लैंड ने भारत की मजबूती पर प्रहार किया है।
| टेस्ट | तारीख | वेन्यू |
| पहला | 25-29 जनवरी | हैदराबाद |
| दूसरा | 2-6 फरवरी | विशाखापत्तनम |
| तीसरा | 15-19 फरवरी | राजकोट |
| चौथा | 23-27 फरवरी | रांची |
| पांचवां | 7-11 मार्च | धर्मशाला |
इंग्लैंड टीम के कोच ब्रेंडन मैकुलम का मानना है कि उनकी प्रसिद्ध ‘बाजबॉल’ स्ट्रैटिजी की असली परीक्षा भारत में ही होने वाली है। पिछली बार जब 2020-21 में इंग्लिश टीम भारत आई थी तब मैकुलम इंग्लैंड टीम के साथ नहीं जुड़े थे, लेकिन उन्होंने पिछली सीरीज के प्रदर्शन का अध्ययन जरूर किया होगा। तब भारत ने स्पिन के बूते चार मैच की सीरीज 3-1 से जीती थी। स्पिन की लड़ाई में इंग्लिश टीम बहुत कमजोर पड़ गई थी क्योंकि तब उनके पास सिर्फ दो ही स्पेशलिस्ट स्पिनर थे, लेकिन इस बार भारत की स्पिनिंग पिचों को ध्यान में रखते हुए चार स्पिनर के साथ आ रहे हैं। यानी भारत को भारत में ही मात देने के लिए इंग्लैंड ने भारत की मजबूती पर प्रहार किया है।
इंग्लैंड की टेस्ट टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान),जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), शोएब बशीर, बेन डकेट, बेन फोक्स (विकेटकीपर), गस एटकिन्सन, जैक क्राउली, ओली रॉबिन्सन, जेम्स एंडरसन, जो रूट, टॉम हार्टली, जैक लीच, ओली पोप, मार्क वुड, हैरी ब्रुक, रेहान अहमद।











