भोपाल में 14 हजार कर्मचारियों की चुनावी ट्रेनिंग शुरू : EVM, मॉक पोल, वोटिंग की समझ रहे प्रक्रिया

भोपाल में 14 हजार कर्मचारियों की चुनावी ट्रेनिंग शुरू : EVM, मॉक पोल, वोटिंग की समझ रहे प्रक्रिया

भोपाल के कुल 14 हजार 761 कर्मचारी सोमवार से लोकसभा चुनाव की ABCD सीख रहे हैं। शहर के 8 सेंटरों पर उन्हें EVM, मॉक पोल, वोटिंग, मतदान सामग्री लेने से लेकर जमा कराने तक की ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग में उन्होंने क्या सीखा? इसका वे एग्जाम भी देंगे। परीक्षा में फेल होने वाले कर्मचारी को फिर से ट्रेनिंग दी जाएगी।

ट्रेनिंग 5 दिन एक ही सत्र में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चलेगी। पिछले चुनावों में 2-2 सत्र में कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती थी, लेकिन संख्या अधिक होने की वजह से एक दिन में एक ही सत्र होगा। प्रतिदिन एवरेज 3 हजार कर्मचारियों को चुनाव से जुड़ी हर जानकारी दी जाएगी। कुल 72 मास्टर ट्रेनर्स उन्हें ट्रेनिंग देंगे। इनमें ईवीएम मास्टर ट्रेनर्स भी शामिल हैं। जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।

एक घंटे की परीक्षा भी होगी

ट्रेनिंग के बाद कर्मचारियों की एक घंटे की परीक्षा भी होगी। इसमें उनसे ट्रेनिंग से जुड़े सवाल ही पूछे जाएंगे। यदि वे सवालों का जवाब नहीं दे पाते हैं तो उन्हें अगले दिन फिर से ट्रेनिंग दी जाएगी। गायब रहने वाले कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाएगा।

सीहोर विधानसभा की ट्रेनिंग वहीं पर होगी

भोपाल लोकसभा में कुल 8 विधानसभा- बैरसिया, नरेला, गोविंदपुरा, हुजूर, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, भोपाल दक्षिण-पश्चिम और सीहोर शामिल हैं। भोपाल जिले की 7 विधानसभा के कर्मचारियों को यही पर ट्रेनिंग मिलेगी, जबकि सीहोर विधानसभा के कर्मचारियों को सीहोर में ही ट्रेनिंग दी जाएगी।

10% रिजर्व के तौर पर रहेंगे कर्मचारी

लोकसभा चुनाव में कुल 2299 मतदान केंद्र एवं 64 सहायक मतदान केंद्र है। इस तरह आठों विधानसभाओं में 2363 मतदान केंद्र रहेंगे। प्रत्येक केंद्र पर चार अधिकारी-कर्मचारी (पीओ, पी-1, पी-2 और पी-3) की ड्यूटी लगेगी। इनके अलावा 10% कर्मचारी रिजर्व के तौर पर रहेंगे। ताकि, जरूरत पड़ने पर उनकी ड्यूटी लगाई जा सके।


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