इजिप्ट में अल सीसी फिर चुनाव जीते अप्रैल में बतौर राष्ट्रपति तीसरा कार्यकाल शुरू होगा

इजिप्ट में अल सीसी फिर चुनाव जीते अप्रैल में बतौर राष्ट्रपति तीसरा कार्यकाल शुरू होगा

इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी लगातार तीसरी बार राष्ट्रपति बनेंगे। सीसी ने सोमवार को आए नतीजों में 89.6% वोट हासिल किए। करीब 11 करोड़ की आबादी वाला इजिप्ट मिडिल ईस्ट का आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा देश है।

सीसी की जीत पहले से तय मानी जा रही थी। इसकी वजह यह थी कि उनके सामने कोई ऐसा कैंडिडेट ही नहीं था जो चुनौती दे सके। सीसी पहले आर्मी चीफ रह चुके हैं। इजराइल और हमास के बीच जारी जंग के मद्देनजर सीसी की जीत के मायने अहम हो जाते हैं।

नतीजों में देरी की वजह साफ नहीं

  • ‘मिडिल ईस्ट मॉनिटर’ की रिपोर्ट के मुताबिक- इजिप्ट में इलेक्शन 10 और 12 दिसंबर को हुए थे। माना जा रहा था कि तीन दिन में नतीजे आ जाएंगे। हालांकि, नेशनल इलेक्शन अथॉरिटी ने नतीजों में देरी की वजह साफ नहीं की है। इस बार 66.8% मतदान हुआ था। इलेक्शन अथॉरिटी के चीफ हाजेम बदाबी ने कहा- करीब 3 करोड़ 90 लाख लोगों ने वोटिंग में हिस्सा लिया।
  • उन्होंने कहा- सीसी ने लगातार तीसरी बार चुनाव जीता है। वो 10 साल से सत्ता में हैं। हमने नतीजों के ऐलान से पहले तमाम चीजों को क्रॉस चेक किया है।
  • सीसी पहली बार 2013 में राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने मोहम्मद मोरसी को हराया था। 2018 में दूसरी बार भी चुनाव जीते। खास बात ये है कि दोनों ही बार सीसी को 97% से ज्यादा वोट मिले। इजिप्ट में पहले राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल था। सीसी ने इसे 6 साल कर दिया था।
  • विपक्ष तो जैसे था ही नहीं

    • रिपोर्ट्स के मुताबिक- सीसी का तीसरी बार चुनाव जीतना महज एक फॉर्मेलिटी थी। खास तौर पर इसलिए क्योंकि विपक्ष का होना या न होना इस चुनाव में बराबर था। सीसी ने 10 साल पहले जब सत्ता संभाली थी, तभी से उन्होंने विपक्ष के खात्मे का अभियान शुरू कर दिया था।
    • 1952 के बाद से सीसी फौज से सत्ता संभालने वाले पांचवें राष्ट्रपति हैं। उनके खिलाफ तीन कैंडिडेट थे, लेकिन इनमें से कोई भी ऐसा नहीं था, जिसे पूरे देश की जनता भी ठीक से पहचानती हो। कैम्पेन के दौरान ज्यादातर कैंडिडेट्स के समर्थकों को अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। इनकी रिहाई अब तक नहीं हुई है।
    • हाजेम उमर दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें सिर्फ 4.5% वोट हासिल हुए। इसके बाद फरीद जाहरान हैं। उन्हें 3% के करीब वोट मिले। तीसरे कैंडिडेट अब्देल सनद थे। उन्हें इससे भी कम वोट मिले।
    • सीसी का तीसरा कार्यकाल अप्रैल 2024 में शुरू होगा। वो एक बार फिर पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे।
    • गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि थे

      • अल सीसी इस साल (2023) गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे। कोविड-19 की शुरुआत से अब तक इजिप्ट करीब-करीब दिवालिया होता नजर आया। अब भी कुल विदेशी कर्ज 170 अरब डॉलर और महंगाई दर 25% से ज्यादा है। भारत और इजिप्ट के बीच डिप्लोमैटिक रिलेशन एस्टेबिलिश हुए भी 75 साल हो चुके हैं।
      • इजिप्ट के सामने सबसे बड़ी मुश्किल उसकी खस्ताहाल इकोनॉमी है। हाल ही में उसने IMF से 3 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज लिया था। सऊदी अरब और UAE मजबूती से इजिप्ट के साथ खड़े हैं।
      • रूस-यूक्रेन जंग की वजह से इजिप्ट में फूड क्राइसिस हुआ तो भारत ने 61 हजार टन गेहूं एक्सपोर्ट किया। सऊदी अरब ने हाल ही में मिस्र को 5 अरब डॉलर नए कर्ज के तौर पर दिए हैं।
      • दुनिया के देश इजिप्ट की खुलकर मदद इसलिए करते हैं, क्योंकि उसे भरोसेमंद मुल्क माना जाता है। आतंकवाद, ड्रग स्मगलिंग और कट्टरता के खिलाफ मिस्र बहुत सख्ती से कार्रवाई करता है।

Advertisement