इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दिल्ली में आतंकी हमले और नेतन्याहू के भारत दौरे के बीच संभावित संबंधों को लेकर इजराइल की खुफिया एजेंसियों ने गंभीर समीक्षा शुरू कर दी है। कुछ विश्लेषकों ने तो यहां तक सुझाव दिया है, कि क्या इस यात्रा को निशाना बनाकर भारतीय जमीन पर इजराइली नेतृत्व पर हमला करने की कोई योजना तो नहीं बनाई गई थी। हालांकि अभी तक इस बाबत कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगे हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री को भारत में खतरा था?
इजरायली मीडिया नेटवर्क i24NEWS ने बताया है कि नेतन्याहू अब अपनी यात्रा के लिए अगले वर्ष की कोई नई तारीख तय करने की कोशिश करेंगे, जो सुरक्षा समीक्षा पर निर्भर करेगी। पहले उम्मीद थी कि वे इस वर्ष के अंत से पहले भारत आएंगे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि कम से कम अगले कुछ महीनों तक यह यात्रा संभव नहीं है। यह तीसरी बार है जब उनकी भारत यात्रा स्थगित हुई है। इससे पहले भी उन्होंने 9 सितंबर को एक दिन की यात्रा रद्द कर दी गई थी, जब इजरायल में दोबारा चुनावों का ऐलान हुआ था। इसके अलावा, अप्रैल इलेक्शन से पहले भी उन्होंने प्रस्तावित दौरा टाल दिया था। कुछ लोगों ने इजरायली पीएम की भारत यात्रा कैंसिल होने को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जोड़ा है। इसीलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोसाद को कुछ पता है? क्या इजरायली प्रधानमंत्री भारत में कट्टर इस्लामिक तत्वों के निशाने पर हैं?
इजरायली मीडिया नेटवर्क i24NEWS ने बताया है कि नेतन्याहू अब अपनी यात्रा के लिए अगले वर्ष की कोई नई तारीख तय करने की कोशिश करेंगे, जो सुरक्षा समीक्षा पर निर्भर करेगी। पहले उम्मीद थी कि वे इस वर्ष के अंत से पहले भारत आएंगे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि कम से कम अगले कुछ महीनों तक यह यात्रा संभव नहीं है। यह तीसरी बार है जब उनकी भारत यात्रा स्थगित हुई है। इससे पहले भी उन्होंने 9 सितंबर को एक दिन की यात्रा रद्द कर दी गई थी, जब इजरायल में दोबारा चुनावों का ऐलान हुआ था। इसके अलावा, अप्रैल इलेक्शन से पहले भी उन्होंने प्रस्तावित दौरा टाल दिया था। कुछ लोगों ने इजरायली पीएम की भारत यात्रा कैंसिल होने को लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जोड़ा है। इसीलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोसाद को कुछ पता है? क्या इजरायली प्रधानमंत्री भारत में कट्टर इस्लामिक तत्वों के निशाने पर हैं?











