डीईओ की अनदेखी के कारण निजी स्कूल कर रहे हैं मनमानी, 17 प्रतिशत ने ही दी आधी-अधूरी जानकारी

डीईओ की अनदेखी के कारण निजी स्कूल कर रहे हैं मनमानी, 17 प्रतिशत ने ही दी आधी-अधूरी जानकारी
भोपाल। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है। निजी स्कूलों ने गणवेश से लेकर पाठ्यक्रम तक में बदलाव कर दिया है।इस कारण अभिभावकों को नई खरीदनी पड़ रही है, जबकि संयुक्त संचालक ने 31 मार्च तक निजी स्कूलों को पाठ्यक्रम सहित किताबों और फीस की सूची देने के निर्देश दिए थे, लेकिन सिर्फ 17 प्रतिशत स्कूलों ने आधी-अधूरी जानकारी दी है।राजधानी में 321 में से 54 स्कूलों ने ही पाठ्यक्रम की सूची सौंपी है। जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) की अनदेखी के कारण अब तक स्कूलों ने जानकारी नहीं दी है, जबकि कई स्कूलों ने पाठ्यक्रम में भी बदलाव कर दिया है तो कुछ ने गणवेश बदल दिए हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने आठ फरवरी को आदेश जारी कर प्रदेश में फीस विनियमन अधिनियम 2020 कानून का पालन करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत प्रदेश के निजी स्कूलों से फीस, पाठ्यक्रम और किताबों की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन दो माह बाद भी स्कूलों में से सिर्फ 54 स्कूलों ने जानकारी अपलोड की है। मामले में अब तक कोई जिला स्तरीय समिति गठित नहीं की गई है।स्कूलाें पर कोई शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। फिर से इस साल अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और गणवेश खरीदनी पड़ रही है।डीइओ अभिभावकों की ओर से शिकायतों का इंतजार कर रहे हैं।

स्कूलों को यह देनी थी जानकारी

राज्य शासन ने मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) 2017 एवं नियम-2020 लागू कर चुका है। हाल में आदेश जारी कर सभी स्कूलों को सत्र 2023-24 के लिए नियत की गई फीस संरचना (कक्षावार एवं संवर्गवार विभिन्न मदों में) की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।निजी स्कूल विगत तीन वर्षों (2020-21, 2021-22, 2022-23) के बजट की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। बैलेंस शीट, प्राप्ति एवं भुगतान पत्रक, आय-व्यय शेड्यूल सहित सभी जानकारी देनी है। इसके बाद संबंधित विषयों के पालन में निजी स्कूलों द्वारा 100 रूपये के गैर न्यायिक स्टांप पेपरों पर आवश्यक वचन पत्र भी अपलोड करना था।

इनका कहना है

निजी स्कूलों को 31 मार्च तक का समय दिया गया था।अब तक डीइओ की ओर से कोई जांच प्रतिवेदन नहीं मिली है।मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

अरविंद चौरगड़े,संयुक्त संचालक,स्कूल शिक्षा विभाग

-जिले के 321 में से 54 बड़े निजी स्कूलों ने जानकारी दी है।उसका निरीक्षण करेंगे। अगर अभिभावक शिकायत करते हैं तो कार्यवाही की जाएगी।

अंजनी कुमार त्रिपाठी, डीइओ

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