तेजी से विकेट गिरता देख ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने प्लान में थोड़ा बदलाव किया और पार्ट टाइम स्पिनर जो रूट पर अटैक करते हुए दो छक्के कूट दिए। मगर इसके अगले ही ओवर में इंग्लैंड के पास नौवां विकेट झटकने और कंगारुओं को बैकफुट पर धकेलना का सुनहरा मौका था। तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की दूसरी ही बॉल पर लियोन बाल-बाल बचे। स्टोक्स ने स्क्वैयर लेग पर हवा में उड़ते हुए अपना सबकुछ झोक दिया। अगर एक हाथ से की गई यह कोशिश सफल होती तो इसे कैच ऑफ द एशेज भी कहा जा सकता था।
लियोन को यह जीवनदान एक रन के स्कोर पर मिला था। तब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 37 रन की और दरकार थी। मैच खत्म होते-होत नाथन लियोन ने 28 गेंदों में 16 रन का योगदान दिया जबकि कप्तान पैट कमिंस 22 रन पर ही खेल रहे थे, जिन्होंने 44 रन की नाबाद पारी खेली। चुभने वाली हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा, 'इस मैच को हम कभी नहीं भूलेंगे। उम्मीद है कि हम अगले चार मैचों में भी एशेज के चाहने वालों को इसी तरह इंटरटेन करेंगे।
मैच में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद हारने पर इंग्लैंड की आलोचना हो रही है। लोग बाजबॉल का मजाक उड़ा रहे हैं। कुछ लोग यह भी कहने से नहीं चूक रहे कि इंग्लैंड को उसके ओवरकॉन्फिेडेंस ने हरा दिया। पहले ही दिन पारी घोषित करने के सवाल पर स्टोक्स कहते हैं, 'मैंने इसे ऑस्ट्रेलिया पर झपटा मारने की तरह देखा क्योंकि कोई भी बल्लेबाज दिन के अंत में 20 मिनट के लिए बाहर जाना पसंद नहीं करता है और मुझे यह दो विकेट लेने का मौका महसूस हुआ।
मैच में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद हारने पर इंग्लैंड की आलोचना हो रही है। लोग बाजबॉल का मजाक उड़ा रहे हैं। कुछ लोग यह भी कहने से नहीं चूक रहे कि इंग्लैंड को उसके ओवरकॉन्फिेडेंस ने हरा दिया। पहले ही दिन पारी घोषित करने के सवाल पर स्टोक्स कहते हैं, 'मैंने इसे ऑस्ट्रेलिया पर झपटा मारने की तरह देखा क्योंकि कोई भी बल्लेबाज दिन के अंत में 20 मिनट के लिए बाहर जाना पसंद नहीं करता है और मुझे यह दो विकेट लेने का मौका महसूस हुआ।











