डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात से पहले 'G-2 जल्द ही बैठक करेगा' की घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक रणनीतिक चाल नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ मेरी जी2 मुलाकात दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी रही। यह मुलाकात चिरस्थायी शांति और सफलता की ओर ले जाएगी।'
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के लिए फिर जिंदा की G2 नीति, जानें क्या है ये पॉलिसी, भारत के लिए कितना बड़ा झटका, समझें
वॉशिंगटन: अमेरिका ने चीन से दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए अपनी विदेश नीति और विश्व व्यवस्था में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुले तौर पर चीन को कार्यात्मक रूप से समान (फंक्शनल इक्वल) माना है। इससे एक नए द्विध्रुवीय ढांचे (G-2 ड्यूपोली) की शुरुआत हुई है। ट्रंप प्रशासन का यह रुख बीजिंग को अस्तित्व के लिए खतरा मानने के वॉशिंगटन के एक दशक से ज्यादा पुराने दृष्टिकोण को खारिज करता है। यह यूरोपीय संघ, रूस, भारत और जापान जैसी शक्तियों को झटका देते हुए दरकिनार करता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात से पहले 'G-2 जल्द ही बैठक करेगा' की घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक रणनीतिक चाल नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ मेरी जी2 मुलाकात दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी रही। यह मुलाकात चिरस्थायी शांति और सफलता की ओर ले जाएगी।'
साल 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर काफी आक्रामक रुख अपनाया। हालांकि इस साल दूसरी बार प्रेसिडेंट बने ट्रंप ने हालिया महीनों में चीन पर बदला हुआ रुख दिखाया है। वॉशिंगटन के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह बदलाव ट्रंप की ओर से चीन के खिलाफ टैरिफ युद्ध शुरू करने और यह देखने के बाद कि बीजिंग आगे है। टिप्पणीकार इस निष्कर्ष पर एकमत हैं कि टैरिफ युद्ध छेड़ने के बाद ट्रंप ने चीन के मुकाबले ज्यादा रियायतें दी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात से पहले 'G-2 जल्द ही बैठक करेगा' की घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार को उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक रणनीतिक चाल नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ मेरी जी2 मुलाकात दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी रही। यह मुलाकात चिरस्थायी शांति और सफलता की ओर ले जाएगी।'











