असीम मुनीर ने लीबिया में भारत के राफोल जैसे विमानों को नुकसान पहुंचाने और S-400 एयर डिफेंस को भेद देने की बात कही। हालांकि उनके दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं मिलता है। मुनीर के बयानबाजी से ये लगता है कि लीबिया को हथियार बेचने के लिए उनकी ओर से बढ़ा-चढ़ाकर ये बातें कही गई बातें हैं। जमीन पर सच्चाई पाकिस्तान के सीडीएफ असीम मुनीर के इन दावों से उलट है।
झूठें हैं मुनीर के दावे
मई में भारत-पकिस्तान के सैन्य संघर्ष के बाद कई तरह के दावे किए गए हैं। दावों से इतर सैटेलाइट इमेज, मलबे का एनालिसिस और न्यूट्रल रक्षा विशेषज्ञों ने दोनों पक्षों के नुकसान का आंकलन किया है। आंकलन से पता चलता है कि भारत के राफेल, Su-30s, मिराज-2000s और MiG-29s जैसे जेट को नुकसान का सबूत पाकिस्तान नहीं दे सका। पाकिस्तानी हमले से S-400 सिस्टम को भी नुकसान नहीं हुआ। यानी पाकिस्तानी सेना के बढ़त हासिल करने के मुनीर के दावे हवा-हवाई हैंफ्रांसीसी रक्षा विशेषज्ञों ने खुद ये माना था कि ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है कि किसी राफेल को मार गिराया गया हो। ये भी पता चला है कि लड़ाई के दौरान पाकिस्तान ने चीनी मूल की मिसाइलों, ड्रोन, रडार और एवियोनिक्स का इस्तेमाल किया। यह बताता है कि असीम मुनीर के 90 प्रतिशत स्वदेशी सैन्य टेक्नोलॉजी सफेद झूठ है। मुनीर का JF-17 थंडर को अपना विमान बताना भी गलत है। इस जेट को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर बनाया गया विमान है। इसमें चीनी तकनीक ज्यादा है।











