भागलपुर में डेंगू का कहर पुलिस तक पहुंचा, उधर नवजात शिशु की मौत पर भड़का बवाल
भागलपुर: जिले में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोसी- सीमांचल समेत भागलपुर और आसपास के जिलों में भी डेंगू का संकट अब गहराता जा रहा है। भागलपुर के जेएलएनएमसीएच अस्पताल में दो और डेंगू मरीजों की मौत हो गई। दोनों मरीज बांका जिला के रहने वाले थे। इनमें एक सहकारिता पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। मायागंज अस्पताल में शुक्रवार को डेंगू के पांच नए मरीज भर्ती हुए। भर्ती हुए डेंगू मरीज भागलपुर के तीन और बांका जिले के दो मरीज हैं। पांचों मरीज का डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। 40 बेड के डेंगू वार्ड में मरीजों की संख्या अब बढ़कर 39 हो गई है। इधर पुलिस महकमे में डेंगू का संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। डीएसपी कार्यालय के दो कर्मी और महिला हेल्प डेस्क की कर्मी को डेंगू हो गया है।भागलपुर में डेंगू का कहर
अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की इस कदर भीड़ बढ़ रही है कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है। मौसमी बीमारियों के मरीजों को इलाज कराने में लगभग एक घंटे का समय लग रहा हैं। वहीं दवा काउंटर पर भी करीब 30 से 40 मिनट लग रहे हैं।अस्पताल में मरीजों की भीड़ के बीच धक्कामुक्की होती रही और कई मरीजों की आपस में ही कहासुनी भी हुई। अस्पताल अधीक्षक डॉ. उदय नारायण सिंह ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जल्द ही फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल भी हैंडओवर लेंगे।नवजात शिशु की मौत पर बवाल
भागलपुर जिले के सुलतानगंज रेफरल अस्पताल में प्रसव के बाद इलाज में लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद परिजनों ने एनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कहा कि बीते शुक्रवार को गर्भवती को रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक और एनएम किसी की नहीं सुनते हैं। परिजन बार-बार गुहार लगाते रहे लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक और एनएम ने एक न सुनी और नवजात बच्चे की जैसे तैसे डिलीवरी कर दी गई। इससे बच्चे की मौत हो गई। गर्भवती महिला का नाम शबनम खातून है।











