पुलिस परामर्शदात्री एवं पुलिस कल्याण समिति का फैसला:पुलिस हित में अब 5 लाख तक खर्च कर सकेंगे एसपी-कमांडेंट

पुलिस परामर्शदात्री एवं पुलिस कल्याण समिति का फैसला:पुलिस हित में अब 5 लाख तक खर्च कर सकेंगे एसपी-कमांडेंट

जिले के पुलिस अधीक्षक और बटालियन के कमांडेंट अब अपने स्टाफ के हित में सालाना पांच लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। यह राशि इकाई कल्याण निधि, कार्पस फंड, शिक्षा निधि, संकट निधि, परोपकार निधि और कल्याण निधि से ली जा सकेगी। अब तक इन दोनों पदों के लिए सालाना दो लाख रुपए तक खर्च करने के ही अधिकार थे। कर्मचारियों की बढ़ती जरूरत और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय राज्यस्तरीय संयुक्त पुलिस परामर्शदात्री समिति और पुलिस कल्याण समिति की वार्षिक बैठक में लिया गया है। तीन दिन पहले यह बैठक करीब 6 साल बाद हुई थी।

इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिसकर्मियों के निधन पर परिवार को मिलने वाली परोपकार निधि की राशि भी 5 लाख की गई है। हालांकि, बैठक के दौरान कुछ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने इस राशि को देने के लिए स्वेच्छा से कटने वाले 600 रुपए मासिक को बढ़ाकर 1200 रुपए किए जाने का विरोध भी किया था। इसके बाद यह तय हुआ है कि परोपकार निधि के तहत यह राशि केवल उन्हीं पुलिस परिवार को मिलेगी, जो स्वेच्छा से 1200 रुपए मासिक अपने वेतन से कटवाने के लिए तैयार हैं। यदि कोई पुलिसकर्मी इतनी राशि अपने वेतन से कटवाने के लिए तैयार नहीं है और उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो उनके परिवार को पुरानी स्वीकृत राशि ही दी जाएगी।

पुलिस की जमीनों का सीमांकन

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मप्र पुलिस की अलग-अलग इकाइयों को मिली जमीनों का सीमांकन किया जाएगा। साथ ही इन जमीनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि इन पर कोई अतिक्रमण न हो। इन जमीनों को भविष्य में आवास और अन्य अहम योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। बैठक में पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी अन्य गतिविधियों जैसे पेट्रोल पंप, साख समिति, पीएचपीएस पर भी चर्चा की गई।


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