चीन ने कहा है कि वह अमेरिकी सामान पर पहले लगाए गए 91% के अतिरिक्त टैक्स को भी हटा देगा। दोनों देशों के बीच हुई इस डील से उन उद्योगों को राहत मिलेगा जो टैरिफ की वजह से बहुत परेशान थे। टैरिफ में यह कमी चीन की तरफ से आर्थिक तनाव को कम करने और अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश है। इस घोषणा से पता चलता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर काफी तनातनी चल रही थी।
अमेरिका ने क्या कहा
चीन ने यह भी कहा है कि वह 2 अप्रैल, 2025 से अमेरिका पर लगाए गए सभी नॉन-टैरिफ उपायों को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिका और चीन दोनों मानते हैं कि उनके बीच आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते बहुत जरूरी हैं। दोनों देशों ने एक टिकाऊ, लंबे समय तक चलने वाली और फायदेमंद साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया है।बयान में यह भी कहा गया है, 'दोनों पक्ष बातचीत को जारी रखने को जरूरी मानते हैं ताकि जो भी चिंताएं हैं, उन्हें दूर किया जा सके। यह समझौता आपसी खुलेपन, बातचीत, सहयोग और सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है।' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल, 2025 को कई देशों पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की घोषणा की थी। इस वजह से पूरी दुनिया के बाजारों में उथल-पुथल मच गई थी। उन्होंने चीन को छोड़कर बाकी देशों को 90 दिन की राहत दी थी। उन्होंने चीन पर 145 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसके जवाब में चीन ने अमेरिका पर 125 फीसदी टैरिफ लगाया था।











