40 साल की Dalljiet Kaur ने बताया कि उनका हर दिन हनीमून की तरह होता है। नैरोबी को वह बहुत ही खूबसूरत जगह मानती हैं। जहां कई भारतीय रहते हैं। उनका मानना है कि वह अब तक इस खूबसूरती और कल्चर से अंजान थी। वह वहां काफी खुश और बिदांस रहती हैं।
भारत जैसा ही लगता है: दलजीत कौर
सिख परिवार से आने वाली दलजीत को लगता है कि वह बेशक घर से दूर हैं लेकिन यहां भी पंजाबियों वाला माहौल है क्योंकि बहुत सारी पंजाबी फैमिली यहां रहती हैं।। उन्हें बहुत अच्छा लगता है जब आस पड़ोस की महिलाएं उनके पास आती हैं और पूछती हैं कि उन्हें किसी चीज की जरूरत तो नहीं। इतना ही नहीं गुजराती भी खूब देखने को मिलते हैं। उन्हें तो ऐसा लगता है जैसे ये भी भारत का ही एक हिस्सा हो।भारत जैसा ही लगता है: दलजीत कौर
सिख परिवार से आने वाली दलजीत को लगता है कि वह बेशक घर से दूर हैं लेकिन यहां भी पंजाबियों वाला माहौल है क्योंकि बहुत सारी पंजाबी फैमिली यहां रहती हैं।। उन्हें बहुत अच्छा लगता है जब आस पड़ोस की महिलाएं उनके पास आती हैं और पूछती हैं कि उन्हें किसी चीज की जरूरत तो नहीं। इतना ही नहीं गुजराती भी खूब देखने को मिलते हैं। उन्हें तो ऐसा लगता है जैसे ये भी भारत का ही एक हिस्सा हो।
दलजीत बेटे के लिए हैं खुश
दलजीत कौर ने बेटे जेडन के लिए बदले माहौल पर भी बात की। वह कहती हैं, 'जेडन अभी भी अडजस्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। वह लाइफ में हुए बदलावों को अपना रहे हैं। मैं तो खुश हूं कि जेडन नैरोबी में पढ़ाई कर रहे हैं क्योंकि यहां दुनियाभर से बच्चे आए हुए हैं। जेडन रोज बताते हैं कि मम्मा मैं आज मैक्सिको, कैलिफ्रॉनिया से लेकर बंगलादेश के बच्चों से मिला।'











