जिस प्रकार कच्ची मिट्टी के घड़े को आकार देते हैं उसी प्रकार कुछ भटकते नवयुवको पर ध्यान देना होगा। ग्लैमर और चमकती दुनिया नवयुवकों को भटका रही है, सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के बजाय फ्री मैं बांटने मै लगी हैं।
पुलिस व्यवस्था में बहुत सुधार की आवश्यकता है क्योंकि शहर में शांति और अपराध रोकने की शक्ति उन्हीं के पास दी हुई है। अमूमन अनेक पुलिस कुर्मी येनकेन पैसा बटोरने में लगे हैं। उनकी इसी प्रवृत्ति के कारण वह अपराध रोकने में असफल हो रहे हैं और नए अपराधी यह समझ रहे हैं कि पुलिस से क्या डरना।
सोचिए यदि सभी माता-पिता अपने बच्चों पर ध्यान देने लगे तो उन्हें सही समय पर गलत राह पर जाने से रोक सकते हैं।
इसी प्रकार नवयुवतियो पर भी ध्यान रखें तो वह भी नकली प्यार मोहब्बत के चक्कर मे फंसने से बच सकती है।
जनता भी अपने अपने इलाको में बिना वजह घूमते हुए लोगों पर निगाह रखें तो अपराध रोकने में सहायता होगी।
ध्यान रखें अभी कुछ व्यवस्था ठीक नहीं होने से आने वाले समय में और अपराध बढ़ेंगे अपनी सुरक्षा के लिए क्या-क्या कर सकते हैं उसका चिंतन रखें।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्,)











