बता दें कि नौ मार्च 2024 को वर्तमान वित्तीय वर्ष की आखिरी लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इसमें अधिकारियों को अनुमान था, कि अधिक से अधिक उपभोक्ता अपने बकाया संपत्ति, जल व ठोस अपशिष्ठ प्रभार समेत अन्य करों का भुगतान करेंगे। इसके लिए निगम अधिकारियों ने करीब 21 करोड़ 60 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य भी रखा था। लेकिन शनिवार को केवल 10 करोड़ 76 लाख रुपये की वसूली ही हो सकी। हालांकि यह बीते 24 फरवरी को अायोजित लोक अदालत में हुई वसूली से दो करोड़ 75 लाख रुपये अधिक है।
लोक अदालत के दिन खाली रहे निगम कार्यालय, लक्ष्य से आधी भी नहीं हुई राजस्व वसूली
भोपाल। शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस दौरान नगर निगम के सभी 21 जोन और 85 वार्ड कार्यालयों में राजस्व वसूली शिविरों का आयोजन किया गया था। लेकिन अधिकतर वार्ड और जोन कार्यालयों में सन्नाटा छाया जा रहा है। जितनी राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा गया था। उसकी अाधी भी वसूली नहीं हो सकी।











