जयपुर के विधायक मंत्रियों में कॉर्डिनेशन की कमी
दरअसल शांति धारीवाल अपने संबोधन के दौरान कह रहे थे कि प्रदेश के चार शहरों में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। उदयपुर, कोटा और अजमेर में तो काम ठीक चल रहा है लेकन जयपुर शहर का काम धीमा चल रहा है। जयपुर की तुलना करते हुए धारीवाल ने कहा कि जयपुर में कांग्रेस के 6 विधायक है और उनमें से 3 मंत्री भी हैं। उनमें आपसी कॉर्डिनेशन नहीं है, यही सबसे बड़ी प्रोब्लम है। मंत्री और विधायकों के आपसी विवाद के कारण कई बार प्रोजेक्ट लेट हो जाते हैं।
शांति धारीवाल की नियत में खोट है - प्रताप सिंह
जब शांति धारीवाल का यह बयान सामने आया तो बेबाक नेता प्रताप सिंह खाचरियावास कहां शांत रहने वाले थे। उन्होंने भी पलटकर जवाब दे दिया। खाचरियावास ने कहा कि ‘जयपुर के प्रति शांति धारीवाल जी की निती और नियत में खोट है। वे जयपुर के प्रभारी मंत्री हैं लेकिन उन्होंने कभी जयपुर के विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानने के लिए बैठक ही नहीं ली।’ उन्होंने कहा कि जयपुर का जो विकास हुआ है, वह इन्हीं 6 विधायकों और 3 मंत्रियों के कारण हुआ है लेकिन अगर शांति धारीवाल जी साथ देते तो विकास को चार चांद लग जाते। मंत्री महेश जोशी ने धारीवाल के बयान पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।जयपुर जिले में कुल 18 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 10 विधानसभा सीटें जयपुर शहर के क्षेत्र में आती है। इन 10 में से 6 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं इनमें प्रताप सिंह खाचरियावास, डॉ. महेश जोशी, लालचंद कटारिया, रफीक खान, अमीन कागजी और गंगा देवी हैं। इन छह विधायकों में से प्रताप सिंह खाचरियावास, डॉ. महेश जोशी और लालचंद कटारिया तीनों कैबिनेट मंत्री हैं। जयपुर में आए दिन अफसरों और जनप्रतिनिधियों को लेकर टकराव के मामले सामने आते रहे हैं। इन दिनों भी जयपुर हैरिटेज की महापौर निगम कमिश्नर के खिलाफ चार दिन से धरने पर बैठी रही। इन्हीं प्रकरणों को लेकर शांति धारीवाल ने आपसी तालमेल को लेकर तंज कसा था। (रिपोर्ट - रामस्वरूप लामरोड़)











