2036 ओलिंपिक पर दांव लगाने की तैयारी में अहमदाबाद कॉमनवेल्थ पर भी लगाएगा दांव
गुजरात सरकार ने 2036 ओलिंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बोली लगाने के लिए अहमदाबाद में बुनियादी ढांचा तैयार करना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी के लिए अहमदाबाद के लिए बोली लगा सकती है। गुजरात सरकार के सूत्रों ने बताया कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बोली लगाने के लिए अहमदाबाद की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब वह 2026 के लिए विचार कर रही है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इसका समर्थन करेगी।
गुजरात सरकार ने 2036 ओलिंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बोली लगाने के लिए अहमदाबाद में बुनियादी ढांचा तैयार करना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी के लिए अहमदाबाद के लिए बोली लगा सकती है। गुजरात सरकार के सूत्रों ने बताया कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बोली लगाने के लिए अहमदाबाद की तैयारी कर रही थी, लेकिन अब वह 2026 के लिए विचार कर रही है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार इसका समर्थन करेगी।
हाल ही में, ओलिंपिक के लिए अहमदाबाद की बोली के लिए मास्टर-प्लान तैयार करने के लिए ऑस्ट्रेलिया स्थित बिजनेस प्लानिंग कंसल्टेंसी पॉपुलस को काम पर रखा गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव को विभिन्न ओलिंपिक खेल खेलने की सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा, क्योंकि अहमदाबाद 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए बोली लगाएगा।
5 शहरों में होने थे कॉमनवेल्थ, बढ़ा खर्च तो छोड़ दी मेजबानी
एंड्रयूज ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत में पांच शहरों में खेलों के आयोजन के लिए दो अरब 60 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एक अरब 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का बजट रखा था लेकिन हाल के अनुमानों के अनुसार संभावित लागत सात अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (चार अरब 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गई है। एंड्रयूज ने कहा कि उन्होंने मेजबानी अनुबंध से हटने के अपनी सरकार के फैसले के बारे में राष्ट्रमंडल खेल आयोजकों को सूचित कर दिया है।
5 शहरों में होने थे कॉमनवेल्थ, बढ़ा खर्च तो छोड़ दी मेजबानी
एंड्रयूज ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत में पांच शहरों में खेलों के आयोजन के लिए दो अरब 60 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एक अरब 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का बजट रखा था लेकिन हाल के अनुमानों के अनुसार संभावित लागत सात अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (चार अरब 80 करोड़ अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गई है। एंड्रयूज ने कहा कि उन्होंने मेजबानी अनुबंध से हटने के अपनी सरकार के फैसले के बारे में राष्ट्रमंडल खेल आयोजकों को सूचित कर दिया है।
एंड्रयूज ने कहा, ‘आज का दिन उन खर्चों के अनुमानों में गलती ढूंढने के बारे में नहीं है। 12 दिवसीय खेल आयोजन के लिए 6 से 7 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, हम ऐसा नहीं कर रहे हैं- इस पैसे को खर्चने का कोई फायदा नजर नहीं आता, यह सिर्फ खर्चा है और कोई फायदा नहीं।’ राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने एक बयान जारी कर कहा कि वे अपने विकल्पों पर सलाह ले रहे हैं।
इसलिए ऑस्ट्रेलिया का बढ़ा खर्च
सीजीएफ ने कहा कि अनुमानित लागत में वृद्धि मुख्य रूप से क्षेत्रीय, बहु-शहर मेजबान मॉडल और विक्टोरिया सरकार के आयोजन स्थलों की योजना में बदलाव और अधिक खेलों को शामिल करने के फैसले के कारण हुई। सीजीएफ के बयान में कहा गया, ‘हम निराश हैं कि हमें केवल 8 घंटे का नोटिस दिया गया और सरकार के इस निर्णय पर पहुंचने से पहले संयुक्त रूप से समाधान खोजने के लिए स्थिति पर चर्चा करने पर कोई विचार नहीं किया गया।’ वर्ष 2026 के खेल 17 से 29 तक गिलॉन्ग, बेंडिगो, बल्लारत, गिप्सलैंड और शेपार्टन में होने थे।











