आम आदमी की ट्रेन होगी
वंदे भारत ट्रेन यानी ट्रेन-18 के प्लेटफार्म पर जो आम आदमी की ट्रेन तैयार की जा रही है, वह भी रफ्तार में अभी के राजधानी एक्सप्रेस को भी मात देगी। इसकी सारी विशेषता वंदे भारत ट्रेन की ही तरह होगी। अंतर सिर्फ इतना होगा कि इसमें जनरल कोच होंगे, बिना एसी मतलब कि स्लीपर क्लास वाले स्लीपर कोच होंगे। अभी जो आईसीएफ में इसका पहला रैक बन रहा है, उसमें 22 डिब्बे बनाए जा रहे हैं। इनमें से दो डिब्बे गार्ड वाला डब्बा है, 12 स्लीपर क्लास का डिब्बा जबकि आठ सेकेंड क्लास या जनरल डिब्बे हैं।ट्रेन के आगे-पीछे इंजन
अभी रेलवे के सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में सिर्फ आगे, एक इंजन लगा होता है। लेकिन अभी जो आईसीएफ में अपग्रेडेड मेल/एक्सप्रेस का रैक तैयार किया जा रहा है, उसमें आगे और पीछे, दोनों तरफ इंजन लगे होंगे। ऐसा करने से कहीं ट्रेन के ठहरने के बाद कुछ ही मिनट में ट्रेन हाई स्पीड पकड़ लेती है। इसे रेलवे की भाषा में पुश-पुल मेथड (Push-Pull Method) कहा जाता है। इसके लिए विशेष तौर पर चित्तरंजन लोकोमोटिव कारखाने CLW में दो WAP5 किस्म के इंजन तैयार किए जा रहे हैं। आपको मालूम ही होगा कि वंदे भारत ट्रेन में पहले से ही इंजन की व्यवस्था होती है। उसमें अलग से इंजन नहीं लगाना होता है।
कब तक तैयार हो जाएगी ट्रेन
चेन्नई स्थित आईसीएफ के जीएम बीजी माल्या ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बताया है कि आम आदमी के इस ट्रेन पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले सप्ताह तक यह ट्रेन सेट बन कर तैयार हो जाएगा। जैसे ही सीएलडब्ल्यू से दोनों इंजन मिल जाएंगे, ट्रेन की टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि इसी महीने के अंत तक यह ट्रेन ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाएगी।
लंबी दूरी कम समय में तय होगी
इस समय लंबी दूरी की मेल और ट्रेन को पहुंचने में काफी वक्त लगता है। माना जा रहा है कि नई, उन्नत ट्रेन सेट आने के बाद इस समय को कम किया जा सकेगा। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यदि दिल्ली और हावड़ा के बीच ही देखें तो इस ट्रेन से यात्रा समय में दो से तीन घंटे की बचत हो सकती है।











