'हम 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं'
दरअसल, प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए कांग्रेस और भाजपा के अपने-अपने दावे रहे हैं। दोनों दल खुद को ओबीसी का हितैषी बताते हुए आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत दिलाने के लिए हर लड़ाई लड़ने की बात कह रहे हैं। इसी में नई पहल करते हुए सरकार ने बैठक बुलाई है। बैठक के पहले मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार के माध्यम से हमारी पार्टी की लाइन है कि हम 27 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं। कांग्रेस के लोग कह रहे हैं हम भी देना चाहते हैं। इस कारण हम सब मिल-बैठकर बात करें।
सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा, ' सर्वदलीय बैठक में आपका (कांग्रेस) वकील भी रहे और हमारा भी। सुप्रीम कोर्ट ने तय कर दिया है कि 23 सितंबर से प्रतिदिन सुनवाई इस मामले की होगी। हमारा काम ही सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का है। किसी वर्ग के हक को छोड़ने या उसे अपमानित करने का नहीं। हां, जो राजनीति करते हैं उनका हम कुछ नहीं कर सकते।'
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन करेंगे
जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा, कांग्रेस प्रदेशभर के ओबीसी समाज, छात्र संगठनों, युवाओं और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इस मुद्दे पर व्यापक जन जागरण और आंदोलन करेगी। जरूरत पड़ी तो न्यायालयीन और जमीनी संघर्ष के साथ-साथ जन समर्थन जुटाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेगी।











