Ching's चाइना का नहीं... एक बिहारी सौ पर भारी... वाला चिंग्स अब टाटा का हो जाएगा

Ching's चाइना का नहीं... एक बिहारी सौ पर भारी... वाला चिंग्स अब टाटा का हो जाएगा
नई दिल्ली : देसी चाइनीज हमारा है... एक बिहारी सौ पर भारी...ये चटनी नहीं रॉकेट है... कुछ याद आ रहा है? ये सब चिंग्स सीक्रेट मसाला के विज्ञापनों की टैगलाइन्स हैं, जो खूब पॉपुलर हुई थीं। यह मसालों का ब्रांड जल्द ही टाटा के पास जा सकता है। टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, कैपिटल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को खरीदने की रेस में सबसे आगे निकल गई है। कैपिटल फूड्स चिंग्स सीक्रेट और स्मिथ एंड जोन्स ब्रांड्स के तहत मसालों, फूड प्रोडक्ट्स और दूसरी समाग्री का उत्पादन करती है। मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, हफ्तों तक चली लंबी बातचीत के बाद अब यह सौदा डन होने जा रहा है।

TCPL पहले खरीदेगी 65-70% हिस्सेदारी

TCPL पहले तीन निवेशकों से कंपनी का 65-70% हिस्सा खरीदेगा। इसके कुछ समय बाद कंपनी बाकी का हिस्सा भी खरीदेगी। इस सौदे में कैपिटल फूड्स की वैल्यूएशन 5,500 करोड़ रुपये लगाई गई है। इस सौदे के लिए अन्य दावेदारों में दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी नेस्ले एसए और द क्राफ्ट हेंज शामिल हैं।

​कैपिटल फूड्स ने कई देसी फ्लेवर्स किये हैं लॉन्च

पिछले कुछ वर्षों में कैपिटल फूड्स ने 'देसी' फ्लेवर्स के साथ कई उत्पाद लॉन्च किए हैं। इनमें चिंग्स सीक्रेट इंस्टेंट नूडल्स, सूप, मसाले, करी पेस्ट्स और फ्रोजन एंट्रीज के साथ-साथ स्मिथ एंड जोन्स रेंज का अदरक-लहसुन पेस्ट, सॉस और बेक्ड बीन्स शामिल हैं। इस समय इस डील में कानूनी दस्तावेज और बातचीत के अंतिम दौर चल रहे हैं, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि मौजूदा शेयरधारक कितना हिस्सा रोलओवर करेंगे या वे पूरी तरह से बाहर निकलेंगे। कोटक महिंद्रा टीसीपीएल को सलाह दे रहा है।

​ये हैं तीन बड़े शेयरहोल्डर

कैपिटल फूड्स के तीन मुख्य शेयरधारकों ने पिछले साल के आखिर में कंपनी को बिक्री के लिए रखने का फैसला किया था। इन तीनों में पहला एक यूरोपीय फैमिली ऑफिस और निवेश शाखा इनवस ग्रुप है, जिसकी 40% हिस्सेदारी है। दूसरा अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी ग्रुप जनरल अटलांटिक है, जिसके पास 35% हिस्सेदारी है। तीसरे कैपिटल फूड्स के संस्थापक अध्यक्ष अजय गुप्ता हैं, जिनके पास 25% हिस्सेदारी है।

इंस्टेंट नूडल्स मार्केट में नेस्ले को टक्कर देगा टाटा

यह संभावित अधिग्रहण टीसीपीएल को नेस्ले की मैगी के टक्कर में ला देगा, जो 60 फीसदी हिस्सेदारी के साथ 5,000 करोड़ रुपये के ब्रांडेड इंस्टेंट नूडल्स मार्केट में लीडर है। इस कैटेगरी के दूसरे प्लेयर्स में टॉप रेमन, वाई वाई और पतंजलि शामिल हैं।

​1995 में हुई थी शुरुआत

कैपिटल फूड्स की शुरुआत साल 1995 में अजय गुप्ता ने की थी। कुछ ही समय में कंपनी ने मार्केट में अपनी पैठ बना ली। अजय ने देसी चाइनीज सेगमेंट और इटैलियन फूड्स सेगमेंट की शुरुआत की थी। फिर अचानक से बीते साल कंपनी को बेचने की खबर आई थी। 14 नवंबर, 2022 को सबसे पहले ये खबर सामने आई की कंपनी बिकने जा रही है। जिसके बाद कई राउंड्स की मीटिंग हुई। टाटा समेत दुनियाभर की बड़ी कंपनियां इसे खरीदने की रेस में थीं। अब टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ यह सौदा डन होता दिख रहा है।
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