नेपाल की धरती से भारत के खिलाफ जहर उगलकर घ‍िरे चीन के राजदूत चेन सोंग, नेपाली व‍िशेषज्ञों ने घेरा

नेपाल की धरती से भारत के खिलाफ जहर उगलकर घ‍िरे चीन के राजदूत चेन सोंग, नेपाली व‍िशेषज्ञों ने घेरा
काठमांडू: जी20 शिखर सम्‍मेलन में चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के नहीं आने के बाद अब नेपाल में चीन के राजदूत चेन सोंग ने भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला है। चीनी राजदूत ने भारत की नेपाल के प्रति नीति की आलोचना की है और इसे 'आदर्श से कम' करार दिया है। उन्‍होंने दावा किया कि भारत और नेपाल के बीच बिजली व्‍यापार घाटा है। साथ ही नेपाल कृषि आयात के लिए भारत पर बुरी तरह से निर्भर है। एक तरह से चीन के राजदूत ने सभी राजनयिक संधियों का उल्‍लंघन करते हुए नेपाल के भारत के साथ रिश्‍तों को हानिकारक बताने की कोशिश की, वहीं उन्‍होंने चीन को उन्‍होंने नेपाल का ज्‍यादा अच्‍छा पार्टनर करार दे दिया। चीन के राजदूत अपने इस बयान के बाद नेपाल में चौतरफा घिर गए हैं।

चीन के राजदूत ने काठमांडू में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के खिलाफ जुबानी हमला बोला। इस दौरान नेपाली संसद की प्रतिनिध सभा के अध्‍यक्ष देवराज घ‍िम‍िरे भी मौजूद थे। अपने भाषण के दौरान चीनी राजदूत ने 'नेपाल में भारत के प्रभाव' को लेकर ज‍िक्र किया और यह भी माना कि भारत एक बडा बाजार है। उन्‍होंने नेपाल को सलाह दी कि भारत के साथ सतर्कतापूर्वक व्‍यापार करे। चेन सोंग ने कहा, 'दुर्भाग्‍य से आपके पास भारत जैसा पडोसी देश है क्‍यों‍कि वह एक बडा बाजार है, ऐसे में आपके पास इसे भुनाने का पूरा मौका है।'

भारत को लेकर चीनी राजदूत ने लगाए आरोप


चीनी राजदूत ने कहा, 'लेकिन ठीक इसी समय भारत की नेपाल के प्रति और पड़ोसी देशों के प्रति नीति बहुत दोस्‍ताना नहीं है और यह नेपाल के बहुत लाभदायक नहीं है।' चीन के राजदूत ने ऐसे समय यह बयान दिया है जब नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्‍प कमल दहल प्रचंड चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। ऐतिहासिक रूप से नेपाल और भारत के बीच अच्‍छे रिश्‍ते रहे हैं और दोनों देशों के बीच रोटी और बेटी का संबंध रहा है। चीन के राजदूत यही नहीं रुके और उन्‍होंने भारत और नेपाल के बीच बिजली व्‍यापार में घाटा बताना शुरू कर दिया।

नेपाली राजदूत ने बीआरआई को नेपाल के अच्‍छा बताया जो दुनिया के कई देशों के लिए कर्ज संकट की वजह बन गया है। हाल के दिनों में नेपाल भारत और चीन के बीच प्रभाव बढाने का अखाडा बन गया है। केपी ओली के जाने के बाद नेपाल में भारत और अमेरिका ने काफी बढ़त बनाई है और कई प्रॉजेक्‍ट शुरू किए हैं। इससे चीन की घबराहट बढ़ गई है। चीनी राजदूत के बयान के बाद अब नेपाल के कई व‍िशेषज्ञ प्रचंड सरकार से कह रहे हैं कि वह चीन के राजदूत को ताकीद करें। यह किसी राजदूत के लिए शोभा नहीं देता है।

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