चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी है। साथ ही यह क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। देश की ज्यादातर रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काम करती हैं। इसके बावजूद चीन पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे कई रिफाइंड प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी करता है। ऑफिशियल कस्टम डेटा के अनुसार पिछले साल चीन ने करीब 5.8 करोड़ टन रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट किया था
चीन ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगाई रोक, भारत में बढ़ सकती है कीमत
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में भी संघर्ष बढ़ गया है। इसके चलते भारत और चीन समेत कई एशियाई देशों को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर कंट्रोल कड़ा कर दिया है। बीजिंग अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठा रहा है।
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी है। साथ ही यह क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। देश की ज्यादातर रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काम करती हैं। इसके बावजूद चीन पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे कई रिफाइंड प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी करता है। ऑफिशियल कस्टम डेटा के अनुसार पिछले साल चीन ने करीब 5.8 करोड़ टन रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट किया था
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी है। साथ ही यह क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। देश की ज्यादातर रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काम करती हैं। इसके बावजूद चीन पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे कई रिफाइंड प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी करता है। ऑफिशियल कस्टम डेटा के अनुसार पिछले साल चीन ने करीब 5.8 करोड़ टन रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट किया था











