इस बार धनतेरस पर सोने की कीमत 1,30,000 रुपये पहुंचने का अनुमान है। यानी इस बार कई लोगों को दिवाली और धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना को ठंडे बस्ते में डालना पड़ेगा। सोने की कीमत में इस साल 50% से ज्यादा तेजी आई है। पिछले साल मार्च से सोने की कीमत में केवल चार बार मासिक गिरावट आई है। पिछले 12 महीने में इसका मार्केट कैप 10 ट्रिलियन डॉलर बढ़ चुका है। सोमवार को इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 4,130 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इसी तरह एक ही दिन में इसका मार्केट कैप करीब 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़कर 27.649 ट्रिलियन पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रही है कीमत?
सवाल है कि सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है? इसके पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं। एक वजह यह भी मानी जा रही है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक सोने की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। 2024 में सेंट्रल बैंक्स ने लगातार तीसरे वर्ष 1,000 टन से ज्यादा सोना खरीदा। इससे उन्हें अपने विदेशी मुद्रा भंडार को डाइवर्सिफाई करने में मदद मिलती है। सेंट्रल बैंक पिछले 15 साल से गोल्ड के नेट बायर रहे हैं लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद इसमें काफी तेजी आई हैपिछले साल सबसे ज्यादा गोल्ड खरीदने के मामले में पोलैंड पहले नंबर पर रहा। इस देश के केंद्रीय बैंक ने इस दौरान सबसे ज्यादा 89.5 टन सोना खरीदा। पोलैंड में हाल के वर्षों में अमीरी तेजी से बढ़ी है और उसका गोल्ड रिजर्व 515 टन पहुंच चुका है। पोलैंड के बाद दूसरे नंबर भारत रहा। हमारे रिजर्व बैंक ने पिछले साल 72.6 टन सोना खरीदा। भारत का कुल गोल्ड रिजर्व अब 880 टन है। पिछले साल चीन ने 44.2 टन, चेक रिपब्लिक ने 20.5 टन और किर्गीजस्तान ने 16.6 टन सोने की खरीद की।











