आम आदमी के कथित रहबर (लोगों के हमदर्द) और रहजन (काफिला लूटने वाला) लोगों को लूटते थे। जितना आम आदमी परेशान होता था उतना ही लोगों की तिजोरी भरती थी। कश्मीर को लूटने वाले रहजनों की दुकानें बंद हो गई हैं।
आतंक के गढ़ में बेफिक्र जी रहे लोग
कभी आतंक का गढ़ रहे पुलवामा, बारामूला और हंदवाड़ा के लोग बेफिक्र होकर जी रहे हैं। यहां युवाओं और बच्चों को बहला-फुसला कर हथियार पकड़ाए गए थे, वे आज एआई यूज करके टेक्निकल काम कर रहे हैं। कश्मीर में कई प्रॉजेक्ट्स पर काम चल रहे हैं। विकास की राह पर कश्मीर है।'अभी तो यह शुरुआत है'
मनोज सिन्हा ने उन दो डॉक्टरों का जिक्र भी किया जिन्होंने दो महिलाओं की मौत मामले में फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाई थी। आतंकियों के साथ मिलकर उन्होंने कश्मीर में आतंक फैलाने का काम किया था। हाल ही में डॉक्टर्स को सस्पेंड किया गया है। एलजी ने कहा कि यह शुरुआत है। अब ऐसे ही कश्मीर में आतंक फैलाने वालों औऱ साजिश रचने बालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।जम्मू-कश्मीर के एलजी ने कहा कि उन्हें दुख होता है कि जिन्होंने कश्मीर में हिंसा की पटकथा लिखी, जिन्होंने आतंक फैलाया उन्हें सरकारी जहाज में बैठाकर घुमाया जाता था।











