भोपाल जेल के कैदियों की फरारी के मामले संदिग्ध:कर्मचारियों की मिलीभगत का भी संदेह, DCP बोले- कंबाइन जांच रिपोर्ट जेल DG को सौंपेंगे

भोपाल जेल के कैदियों की फरारी के मामले संदिग्ध:कर्मचारियों की मिलीभगत का भी संदेह, DCP बोले- कंबाइन जांच रिपोर्ट जेल DG को सौंपेंगे

भोपाल के हमीदिया अस्पताल से 5 महीने के भीतर 3 कैदी फरार हो चुके हैं। ये सभी गंभीर मामलों में सजा काट रहे थे। इनके फरार होने में जेल के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। पुलिस कर्मियों की मिलीभगत का भी आला अफसरों को अंदेशा है। इसके चलते पुलिस उपायुक्त जोन-3 रियाज इकबाल जेल डीजी को पत्र लिख रहे हैं। जिसमें कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच कराने के बाद कड़ी कार्रवाई करने का बात कही जाएगी। तीनों कैदियों की फरारी की पुलिस भी अपने स्तर पर भी जांच कर रही है। हालांकि, फरार कैदियों में से 2 को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेजा जा चुका है। तीसरे की तलाश जारी है।

कैदी को छोड़कर चाय पीने चला गया पुलिस कर्मी

ताजा मामला 27 फरवरी 2024 का है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल से फरार हुए कैदी धनश्याम अजय गौर को पुलिस अब तक तलाश नहीं सकी। इस मामले में पुलिस कर्मी की लापरवाही सामने आई है। वह कैदी को हमीदिया ले गया था। वहां उसे अकेला छोड़कर खुद चाय पीने चला गया। इसका फायदा उठाकर कैदी फरार हो गया। कोहेफिजा पुलिस के मुताबिक हत्या के प्रयास के मामले में बंद धनश्याम अजय को हर्निया के इलाज के लिए सिलवानी जेल से भोपाल ट्रांसफर किया गया था।

प्रहरी को चकमा देकर गर्लफ्रेंड से मिलने चला गया

2 महीने पहले 29 दिसंबर 2023 को भोपाल सेंट्रल जेल का कैदी नदीम खान उर्फ फायर ब्रिगेड भाग निकला। उसे भी इलाज के लिए हमीदिया हॉस्पिटल ले जाया गया था। उसे हत्या के प्रयास के मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई है। उसके खिलाफ 16 केस दर्ज हैं। जब उसे गिरफ्तार किया गया तो उसने पूछताछ में बताया कि वह गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए जेल प्रहरी को चकमा देकर भाग निकला था।

फांसी की सजा पाया बंदी भी फरार हो चुका

14 अक्टूबर 2023 को भी हमीदिया अस्पताल से हथकड़ी खोलकर कैदी रजत सैनी फरार हो गया था। उसने खजूरी इलाके में अपने दोस्त की हत्या कर लाश को जला दिया था। फरार हुए बंदी रजत सैनी को पुलिस ने बुधनी के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया था। उसने ग्वालियर जेल से मिली पैरोल के बाद फरार होने के बाद वर्ष 2022 में खजूरी सड़क थाना इलाके में एक निर्दोष युवक अमन दांगी की नृशंस हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में रजत को फांसी की सजा सुनाई गई है।

पुराने जेल वार्ड में 6 महीने से लगे हैं ताले
भोपाल के सबसे बड़े हमीदिया हॉस्पिटल में कैदी वार्ड नहीं है। यहां पुरानी बिल्डिंग में बने जेल के कैदियों के वार्ड को 6 महीने पहले बंद कर दिया गया है। अब इलाज के लिए आने वाले कैदियों को बीमारी से संबंधित जनरल वार्ड में रखा जाता है। जहां कोई विशेष इंतजाम नहीं है। सामान्य मरीजों के बीच कुख्यात बंदियों को रखा जा रहा है। यही कारण है कि बीते महीनों में तीन कैदी इस अस्पताल से फरार हो चुके हैं। 


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