खालिस्तानियों के प्रेम में हाथ से फिसल रही कनाडा की इकॉनमी, ट्रूडो के लिए अब लोन बना जी का जंजाल
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11 Oct 2023, 02:41 PM
नई दिल्ली: खालिस्तानियों को लेकर कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। खालिस्तान के प्रेम में कैद ट्रूडो ने तो भारत के खिलाफ बयान देकर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली। उनके हाथों से इकॉनमी भी फिसल रही और दोस्त भी। भारत से विवाद के बाद अब जस्टिन ट्रुडो नई मुश्किलों में फंसते दिख रहे हैं। कनाडा के सामने अगले महीने बड़ी मुश्किल खड़ी होने वाली है। लोन की ब्याज दरें कनाडा के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है। इसका असर कनाडा के लोगों पर तो पड़ेगा ही, वहां की इकॉनमी पर भी इसके घातक परिणाम देखने को मिल सकता है। कनाडा इस संकट के मुहाने पर खड़ा है। अगले महीने जस्टिन ट्रूडो के लिए अग्नि परीक्षा साबित होने वाली है। इस चुनौती से पार पाना ट्रूडो के लिए आसान नहीं होगा।
जस्टिन ट्रूडो के सामने चुनौती
अगले महीने लोन लेने लेने वाले कनाडा के हजारों लोगों को झटका लगने वाला है। इस झटके का असर कनाडा की सरकार पर देखने को मिल सकता है। बढ़ी हुई ब्याज दरें केवल लोन लेने वालों को नहीं बल्कि कनाडा की इकॉनमी पर असर डालेगी। दरअसल कनाडा में होम लोन को 5 साल तक फिक्स्ड रेट पर लेने का विकल्प मिलता है। पांच साल बाद वो नई दर के साथ रिन्यू कराते हैं। अगले कुछ महीनों में हजारों होम लोन लेने वाले के लिए लोन रिन्यू होने हैं। यहां तक तो ठीक था, लेकिन असली मुश्किल यह है कि बीते 5 सालों में कनाडा में ब्याज दरों में बड़ा अंतर आ चुका है।नई मुश्किल में फंसे ट्रूडो
रॉयटर्स के मुताबिक अगले महीने कनाडा में करीब 75 हजार से अधिक लोगों के लोन रिन्यू होने वाले हैं। यानी जिन लोगों ने पांच साल पहले सिर्फ 2 फीसदी के फिक्स्ड रेट पर लोन लिया था, अब उन्हें 6-7 फीसदी तक की ब्याज दरों के हिसाब से लोन चुकाना होगा। जिसका असर उनकी ईएमआई पर होगा। रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ महीनों में 75000 होम बायर्स को मार्गेज को रिन्यू करना है। इसके बाद अगले साल करीब 146 अरब डॉलर के होम लोन रिन्यू होंगे। ब्याज दरों में पिछले पांच में हुई बड़ी बढ़ोतरी के चलते लोगों पर इसका बड़ा असर होने वाला है। लोन रिन्यू और बढ़ी हुई ब्याज दरों के कारण सिर्फ कर्जदारों पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि प्रॉपर्टी मार्केट, रियल एस्टेट पर भी दबाव आएगा। लोन डिफॉल्ट के मामले बढ़ सकते हैं, जिसका दबाब बैंकिंग सेक्टर पर पड़ेगा। ईएमआई बढ़ने से लोगों के खर्चों पर तगड़ा असर पड़ेगा और अर्थव्यवस्था में मांग नीचे आएगी। इसका असर कई सेक्टर्स पर देखने को मिल सकता है। सीधे-सीधे असर कनाडा की इकॉनमी पर पड़ने वाला है।
ट्रूडो से लिए जी का जंजाल
कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के लिए यह मुश्किल बहुत बड़ी हो सकती है। महंगाई, लोगों के खर्च करने की घटकी क्षमता और इकॉनमी पर बढ़ता दवाब ट्रूडो पर मुश्किल बनकर टूट सकता है। इसका असर ट्रूडो की सरकार पर भी देखने को मिल सकता है। पहले से ही पीएम ट्रूडो की लोकप्रियता लगातार घट रही है, ऐसे में लोगों की जेब पर बढ़ता दवाब उनकी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।