बेकार नहीं जाने दिया मां का खून
क्रिकेट का खेल सुनील गावस्कर के परिवार में शामिल था। पिता मनोहर क्लब लेवल के ठीक-ठाक खिलाड़ी थे, जो अपने ऑफिस के लिए खेला करते थे। यहां तक कि सुनील गावस्कर को उनकी मां मीनल गावस्कर ने भी बचपन में ट्रेनिंग दी। छोटे से घर के बरामदे में अपने बेटे की ओर टेनिस बॉल फेंकती। एक बार नन्हें सुनील ने इतनी जोर से शॉट मारा कि मां की नाक से खून निकलने लगा। मीनल ने अपने बेटे गावस्कर के भीतर मेहनत और अनुशासन के ऐसे बीज बोये, जो उन्हें खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी पीछे नहीं रहने देती। सुनील गावस्कर ने अपनी मां और पूरे परिवार का भरोसा टूटने नहीं दिया। मैदान पर विरोधी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और खून के एक-एक कतरे का हिसाब पूरा किया।
बीच में ही कटवाए बाल
बात साल 1974 की है। मैनचेस्टर में भारत-इंग्लैंड की टीम आमने-सामने थी। ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड पर सुनील गावस्कर के बल्ले से रन बरस रहे थे, लेकिन तेज हवाओं के चलते उनके बढ़े हुए बाल बार-बार आंखों के सामने भी आ रहे थे। इससे गावस्कर को काफी परेशानी हो रही थी। बस फिर क्या था, वह ग्राउंड अंपायर डिकी बर्ड (Dickie Bird) के पास पहुंच गए और अपने बाल काटने का अनुरोध किया। अंपायर बर्ड ने जेब से कैंची निकाली ओर गावस्कर को परेशान करने वाले बालों का सफाया कर दिया। ये वो दौर था, जब अंपायर्स बॉल में निकले धागे को काटने के लिए हमेशा साथ कैंची रखते थे। इस मैच में लिटिल मास्टर ने 101 रन बनाए थे पर इंग्लैंड 202 रन से मैच जीत गया था।
बात साल 1974 की है। मैनचेस्टर में भारत-इंग्लैंड की टीम आमने-सामने थी। ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड पर सुनील गावस्कर के बल्ले से रन बरस रहे थे, लेकिन तेज हवाओं के चलते उनके बढ़े हुए बाल बार-बार आंखों के सामने भी आ रहे थे। इससे गावस्कर को काफी परेशानी हो रही थी। बस फिर क्या था, वह ग्राउंड अंपायर डिकी बर्ड (Dickie Bird) के पास पहुंच गए और अपने बाल काटने का अनुरोध किया। अंपायर बर्ड ने जेब से कैंची निकाली ओर गावस्कर को परेशान करने वाले बालों का सफाया कर दिया। ये वो दौर था, जब अंपायर्स बॉल में निकले धागे को काटने के लिए हमेशा साथ कैंची रखते थे। इस मैच में लिटिल मास्टर ने 101 रन बनाए थे पर इंग्लैंड 202 रन से मैच जीत गया था।











