राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। कुल 1283 लोकेशन पर कलेक्टर गाइडलाइन एवरेज 14 प्रतिशत तक बढ़ाई जा रही है। विरोध और दावे-आपत्ति के बाद प्रस्तावित गाइडलाइन में थोड़ा बहुत ही बदलाव किया गया है। गुरुवार शाम को भोपाल समेत 12 जिलों के पिछले 5 साल के आंकड़े दिखाकर गाइडलाइन फाइनल कर दी गई।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, विधायक भगवानदास सबनानी, निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण यादव, एडीएम सिद्धार्थ जैन, फंदा जनपद अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत, हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया आदि की मौजूदगी में जिला मूल्यांकन समिति की तीसरी मीटिंग हुई। इसमें आई 55 से अधिक दावा-आपत्तियों पर चर्चा की गई। कुछ आपत्तियों पर थोड़ा बहुत बदलाव करने के बाद गाइडलाइन फाइनल कर दी गई। इसके बाद उसे केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी को भेज दिया गया।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रस्तावित गाइडलाइन में जिन जगहों पर आपत्ति थी, वहां दरें थोड़ी कम की गई है। औसत 14 प्रतिशत तक नई गाइडलाइन है। जिसे केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेज दिया गया है।
इन जिलों का दिखाया डेटा मीटिंग में भोपाल समेत अशोकनगर, बालाघाट, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, मंडला और पन्ना का पिछले 5 साल का डेटा दिखाया गया। जिसमें गाइडलाइन वृद्धि बताई गई। कहा गया कि अन्य जिलों की तुलना में यहां पर दरें कम बढ़ाई गई है। कुछ बातों पर जनप्रतिनिधि भी सहमत नजर आए।
सुझावों पर यह निर्णय आम जनता से प्राप्त कुल 55 सुझाव जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। जिस पर विचार हुआ। 11 सुझावों को पूर्णत: मान्य किया गया। 7 सुझावों को आंशिक रूप से मान्य किया गया और 37 सुझाव तथ्यात्मक न होने से अमान्य कर दिए गए।
बैठक में यह भी लिया निर्णय
बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के माध्यम से यदि कोई संपत्ति एक साल के अंदर विक्रय की जाती है तो देय मुद्रांक शुल्क पर छूट का प्रावधान निर्धारित किए जाने संबंधी लेख किया जाए।
दो या तीन वर्ष में विक्रय होने पर मुद्रांक शुल्क में अनुपातिक रूप से छूट प्रदान किए जाने के प्रावधान किए जाए। उक्त प्रावधान से भोपाल एवं मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी निवेश में वृद्धि होगी।
जिला मूल्यांकन समिति में विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने क्रेडाई द्वारा दिए गए सुझाव के अनुक्रम में कृषि भूमि संबंधी उपबंधों में बदलाव किए जाने की अनुशंसा केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को प्रेषित करने का निर्णय लिया।
विधायक सबनानी के निर्देशों के अनुक्रम में पंजीयन अधिकारियों द्वारा भोपाल जिले में पिछले 5 वर्ष में गाइडलाइन की बढ़ोत्तरी के संबंध में अन्य राजभोगी जिलों से तुल्नात्मक स्थिति प्रस्तुत की गई।











