भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार: पहली बार दोनों ट्रैक पर 90 किमी/घंटा स्पीड से सफल ट्रायल, जल्द बढ़ेंगे फेरे

भोपाल मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार: पहली बार दोनों ट्रैक पर 90 किमी/घंटा स्पीड से सफल ट्रायल, जल्द बढ़ेंगे फेरे

भोपाल । भोपाल मेट्रो के सुभाष नगर से एम्स मेट्रो स्टेशन के बीच बने प्रायोरिटी कॉरिडोर के ट्रैक पर गुरुवार को रफ्तार और सुरक्षा का कड़ा इम्तिहान हुआ। दिल्ली से आए मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नील्बरर सेन गुप्ता और उनकी टीम ने ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम को पूरी तरह परखा।जांच के दौरान पहली बार भोपाल मेट्रो के दोनों ट्रैक पर रेल को 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। अगर सब कुछ सही रहा तो आगे से मेट्रो सुभाष नगर से एम्स के बीच इसी रफ्तार से दौड़ेगी।

अभी तक 60 किमी/घंटे की रफ्तार पर चली

भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरीडोर पर औपचारिक तौर पर रेल संचालन 21 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था। उस समय इस ट्रेक पर सिग्नल का काम पूरा नहीं हो पाया था। इसकी वजह से इसे एक ही ट्रेक पर अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाता रहा है। दोनों ट्रैक पर सिग्नल लगाने का काम पूरा हो जाने के बाद सीएमआरएस का निरीक्षण गुरुवार को शुरू हुआ। सीएमआरएस की टीम ने सबसे पहले सुभाष नगर मेट्रो डिपो के कंट्रोल और कमांड सेंटर में सिग्नलिंग सिस्टम के सभी तकनीकी पहलुओं को समझा।

सिग्नलिंग सिस्टम की बारीकी से जांच

इसके बाद टीम लाइव मॉनिटर के जरिए सुरक्षा मानकों को देखते हुए फील्ड पर उतरी। शाम को जांच टीम एमपी नगर मेट्रो स्टेशन पहुंची, जहां आधुनिक पाइंट मशीन डिटेक्शन के जरिए सिग्नलिंग सिस्टम का बारीकी से टेस्ट किया गया।
यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि पटरियों के बदलने और ट्रेनों के रूट निर्धारण की प्रक्रिया सटीक हो। इसी दौरान टीम ने ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति को नियंत्रित करने वाले आटोमेटेड सिस्टम को भी परखा।
अधिकारियों ने बताया कि यहां वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लगाई गई है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है।सिग्नलिंग सिस्टम ही यह तय करता है कि दो ट्रेनों के बीच कितना अंतर सुरक्षित रहेगा और उनकी रफ्तार क्या होगी। इसके बिना एक से अधिक ट्रैक पर रेल संचालन सुरक्षित नहीं होता। जांच पड़ताल के बाद सीएमआरएस की टीम दिल्ली वापस लौट गई। जल्दी ही उनकी रिपोर्ट आएगी।

अभी दो फेरों के बीच 75 मिनट की प्रतीक्षा

भोपाल मेट्रो में अब तक सिग्नल सिस्टम पूरी तरह चालू नहीं होने के कारण केवल डाउन ट्रैक पर ट्रेन चल रही थीद्ध। यानी जो ट्रेन सुभाष नगर से एम्स जाती है, वह उसी ट्रैक से वापस लौटती है। इसके कारण ट्रेन के दो फेरों के बीच 75 मिनट का अंतर था।

आज से फिर चलेगी मेट्रो, जुलाई से नई समय सारिणी

दो दिनों से बंद भोपाल मेट्रो शुक्रवार से फिर चलने लगेगी। करीब 6.2 किमी लंबे प्रायोरिटी कॉरीडोर पर फिलहाल भोपाल में मेट्रो रेल का संचालन सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक ही होता है। यह ट्रेन इन घंटों में पांच फेरे ही लगा पाती है।
इसकी वजह से यात्रियों की संख्या भी बेहद कम है। सीएमआरएस की एनओसी मिलने के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन इनके फेरे बढ़ाने पर विचार कर रहा है। संभावना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह तक नई समय सारिणी जारी हो जाएगी।
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