नई दिल्ली: एयर इंडिया एयरलाइन फिर से निशाने पर है। कारण है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को मिली टूटी कुर्सी। उन्होंने इस सर्विस को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयर इंडिया की खिंचाई कर दी। शिवराज सिंह चौहान यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह तक कह दिया कि उन्हें उम्मीद थी कि टाटा के हाथ में Air India की कमान जाने के बाद इसकी स्थिति ठीक होगी, लेकिन यह उनका भ्रम निकला। हालांकि बाद में एयर इंडिया ने माफी भी मांगी। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब एयर इंडिया की खराब सर्विस चर्चा का कारण बन गई है।
कभी गंदे कार्पेट तो कभी देरी से उड़ान तो कभी खाने की क्वालिटी। ऐसी कई चीजें सामने आई हैं जिन्हें लेकर यात्री लगातार सोशल मीडिया पर शिकायत करते रहते हैं। कई शिकायतों के बाद भी एयरलाइंस की सर्विस बहुत ज्यादा नहीं सुधरी है। शिवराज सिंह चौहान की तरह काफी लोगों का मानना था कि एयर इंडिया की कमान टाटा ग्रुप के पास जाने से इसकी सर्विस में सुधार होगा। लेकिन यह एयरलाइन अभी यात्रियों की उम्मीद पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई है।
कभी गंदे कार्पेट तो कभी देरी से उड़ान तो कभी खाने की क्वालिटी। ऐसी कई चीजें सामने आई हैं जिन्हें लेकर यात्री लगातार सोशल मीडिया पर शिकायत करते रहते हैं। कई शिकायतों के बाद भी एयरलाइंस की सर्विस बहुत ज्यादा नहीं सुधरी है। शिवराज सिंह चौहान की तरह काफी लोगों का मानना था कि एयर इंडिया की कमान टाटा ग्रुप के पास जाने से इसकी सर्विस में सुधार होगा। लेकिन यह एयरलाइन अभी यात्रियों की उम्मीद पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई है।
सिर्फ एक नहीं, कई सीटें थी टूटी हुई
शिवराज सिंह चौहान एयर इंडिया की जिस फ्लाइट में सफर कर रहे थे, उसमें सिर्फ उनकी ही नहीं बल्कि कई सीट टूटी हुई थीं। इसकी पुष्टि खुद विमानकर्मियों ने की। इसकी जानकारी शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर अपनी पोस्ट में दी है।शिवराज सिंह की पोस्ट के मुताबिक विमानकर्मियों ने इसकी जानकारी मैनेजमेंट को दी थी। लेकिन मैनेजमेंट में इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया। यानी मैनेजमेंट ने न केवल सीटों को सही करना या बदलना उचित समझा बल्कि इसके उलट उन सीटों की टिकट भी बेच दीं।
ऐसे कैसे वर्ल्ड क्लास बनेगी यह एयरलाइन?
टाटा ग्रुप के पास आए एयर इंडिया एयरलाइंस को तीन साल पूरे हो गए हैं। 27 जनवरी 2022 को ही सरकार ने इसे टाटा ग्रुप को सौंपा था। टाटा ग्रुप का सपना एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास बनाने का है। रतन टाटा भी यही सपना देखते थे।टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस साल की शुरुआत में यानी जनवरी में एयर इंडिया का वर्ल्ड क्लास एयरलाइन बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उनकी कंपनी एयर इंडिया को ग्लोबल लेवल पर बेहतरीन सर्विस देने वाली टॉप एयरलाइन में बदलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लेकिन तीन साल भी इसकी सर्विस में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।











