रियाद: रूस के सहयोग से बनाई गई भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल दुनियाभर में पसंदीदा बनकर उभरी है। भारत की यह मिसाइल दक्षिण पूर्व एशिया से लेकर लैटिन अमेरिका, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और काकेकस इलाके तक कमाल किए हुए है। आलम यह है कि ब्रह्मोस मिसाइल का कुल ऑर्डर 7 अरब डॉलर को पार कर गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों में पहली पसंद बनती जा रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मैक 3 की सुपरसोनिक स्पीड होने की वजह से भारतीय मिसाइल को डिटेक्ट नहीं किया जा सकता है। इससे दुश्मन को ब्रह्मोस मिसाइल के खिलाफ जवाबी ऐक्शन के लिए बहुत कम समय मिलता है।
इससे पहले सऊदी अरब में चल रहे वर्ल्ड डिफेंस शो में ब्रह्मोस के निर्यात निदेशक प्रवीण पाठक ने मंगलवार को खुलासा किया था कि इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कुल ऑर्डर अब 7 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें भारत और निर्यात के ऑर्डर दोनों ही शामिल हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के सहयोग से इस मिसाइल को बनाने के बाद अब ब्रह्मोस के अंदर काफी बदलाव कर दिया गया है। इसके लिए काफी पैसे का निवेश किया गया है। यही नहीं भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल के सबमरीन, फाइटर जेट, युद्धपोत और जमीन से हमला करने में सक्षम वेरिएंट का निर्माण कर लिया है।
दुनिया की पसंदीदा बनी ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, सऊदी डिफेंस शो में भारतीय 'ब्रह्मास्त्र' की धूम, बंपर ऑर्डर











