भारत में जन्म, अमेरिका में पढ़ाई और अब 1.73 लाख करोड़ रुपये का दांव... जानें कौन हैं रेवंत रुइया

भारत में जन्म, अमेरिका में पढ़ाई और अब 1.73 लाख करोड़ रुपये का दांव... जानें कौन हैं रेवंत रुइया
नई दिल्ली: भारत का Essar Group अमेरिका में बड़ा दांव लगाने जा रहा है। ग्रुप ने अमेरिका में 18 अरब डॉलर यानी करीब 1.73 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। एस्सार ग्रुप की अमेरिकी सब्सिडियरी मेसाबी मेटालिक्स आयोवा में अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाने जा रही है। 18 अरब डॉलर की रकम इसी प्रोजेक्ट में निवेश की जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोवा प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिसमें रेवंत रुइया समेत रुइया परिवार के सदस्य मौजूद थे।

ट्रंप के मुताबिक, प्रस्तावित प्लांट की सालाना स्टील उत्पादन क्षमता करीब 1 करोड़ टन होगी। उत्पादन शुरू होने के बाद यह अमेरिका के सबसे बड़े सिंगल-साइट स्टील प्लांट्स में शामिल होगा। इस घोषणा के केंद्र में मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया थे, जो उस परिवार के सदस्य हैं जिसने एस्सार की स्थापना के बाद से इसे कंट्रोल किया है।

'यह सच्ची घर वापसी'

रेवंत रुइया Essar Group से जुड़े रुइया परिवार की अगली पीढ़ी के प्रमुख कारोबारी चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि उनका जन्म भारत में हुआ और उन्होंने न्यूयॉर्क, बोस्टन और कैलिफोर्निया में पढ़ाई की। उनके मुताबिक, उन्होंने अपनी जिंदगी का करीब आधा हिस्सा अमेरिका में बिताया है।

अमेरिका में इतने बड़े निवेश को उन्होंने सच्ची घर वापसी बताया। उनके परिवार का अमेरिका में कारोबार नया नहीं है। एस्सार वर्ष 2007 से मिनेसोटा में मौजूद है और अब कंपनी वहां की आयरन-ओर संपत्तियों को अपने स्टील प्रोजेक्ट से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

कौन हैं रेवंत रुइया?

रेवंत रुइया एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर रवि रुइया के बेटे हैं। वह रुइया परिवार की तीसरी पीढ़ी से आते हैं और एस्सार की अमेरिकी कंपनी Mesabi Metallics के चेयरमैन हैं। यही कंपनी मिनेसोटा में आयरन-ओर ऑपरेशन और आयोवा में प्रस्तावित बड़े स्टील प्लांट पर काम कर रही है।

ग्रुप के नाम के पीछे की कहानी

एस्सार की कहानी रवि रुइया और उनके बड़े भाई शशि रुइया से शुरू होती है। दोनों भाइयों ने 1969 में एस्सार ग्रुप की स्थापना की थी। शशि रुइया का नवंबर 2024 में 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
ग्रुप की शुरुआत चेन्नई पोर्ट पर बाहरी ब्रेकवाटर से जुड़े एक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट से हुई थी। उस समय इस प्रोजेक्ट की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये थी। यहीं से आगे चलकर एक बड़े औद्योगिक कारोबारी समूह की नींव पड़ी। एस्सार नाम भी दोनों भाइयों के नाम से बना है। 'S' शशि और 'R' रवि को मिलाकर 'Essar' नाम रखा गया।

कई सेक्टर में फैला कारोबार

शुरुआत के बाद रुइया परिवार ने एस्सार को कई सेक्टर में विस्तार दिया। ग्रुप का कारोबार स्टील, तेल और गैस, बिजली, पोर्ट, शिपिंग, टेक्नोलॉजी और रिटेल जैसे क्षेत्रों तक पहुंचा।

आज एस्सार Essar Global Fund के जरिए अपने कारोबार का संचालन करता है। इसका पोर्टफोलियो एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल्स एंड माइनिंग, टेक्नोलॉजी और रिटेल जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। ग्रुप के मुताबिक, उसके कारोबार की ग्लोबल मौजूदगी है और सालाना करीब 15 अरब डॉलर का रेवेन्यू है।
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