दरअसल एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी खबर का जिक्र करते हुए गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक क्षेत्र से बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह स्तब्धकारी और क्षत्रिय समाज के लिए अपमानजनक है। बीजेपी एमएलसी ने बताया कि 7 जून को खेल मंत्री और पहलवानों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें सांसद बृजभूषण शरण सिंह के परिवार और सहयोगियों के चुनाव न लड़ने पर सहमति बनी थी। इसको लेकर देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अगर ऐसी सहमति बनी है तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ होगी। उन्होंने कहा कि पहलवानों का धरना राजनीति से प्रेरित और पीएम मोदी के विरोधियों की रणनीति के साथ ही खेल संघ पर कब्जे का प्रयास है
पहलवान टूलकिट की तरह इस्तेमाल हो रहे- एमएलसी
बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ साजिश के तहत आधारहीन, कपोलकल्पित और झूठे आरोप लगाए गए है। उन्होंने कहा कि धरना देने वाले पहलवान मोदी विरोधियों द्वारा टूलकिट की तरह इस्तेमाल होते रहे हैं। इसके साथ ही बीजेपी एमएलसी ने साफ शब्दों में अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नाजायज मांगों के लिए झुकने का कोई अंत नहीं होगा, बल्कि एक ऐतिहासिक राजनीतिक भूल होगी।
6 जुलाई को होना है डब्ल्यूएफआई का चुनाव
जानकारी के मुताबिक, डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, चार उपाध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव और पांच कार्यकारी सदस्यों के लिए छह जुलाई को चुनाव होंगे। इसी दिन नतीजे भी आने की उम्मीद है। बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ ही उनके बेटे करण भूषण उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ के प्रमुख और दामाद आदित्य प्रताप सिंह बिहार इकाई के प्रमुख के पद पर तैनात रहे हैं। उधर बृजभूषण पर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित देश के शीर्ष पहलवानों ने यौन उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाया है।











