तस्करी कर लाए जाने का शक
मुहब्बत को तुर्कमेनिस्तान से तस्करी कर भारत लाने का शक गहरा गया है। मेरठ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। मामले की गहराई से जांच में मानव तस्करी गैंग के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली मुहब्बत की मां नाजमुदिनोवा गुलनारा ने बेटी के शव की पहचान की। उन्होंने कानूनी कार्रवाई और अन्य कार्यों के लिए दिल्ली में रह रही उज्बेकिस्तान निवासी अजीजा को पावर अटॉर्नी दी है।अजीजा के साथ समाजसेवी दिल्ली निवासी हेमंत शर्मा ने मामले की गहराई से जांच और कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार को पुलिस ने दिल्ली जाकर अजीजा के बयान लिए थे। साथ ही, मुहब्बत की मां गुलनारा से फोन पर बात की थी। इसके बाद पुलिस ने मुहब्बत के पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए तुर्कमेनिस्तान के दूतावास को पत्र भेजा था।
मेरठ पुलिस को भेजी गई कॉपी
हेमंत शर्मा ने बताया कि तुर्कमेनिस्तान दूतावास ने मुहब्बत का पासपोर्ट वेरिफाई कर कॉपी उन्हें दी है। यह कॉपी उन्होंने मेरठ पुलिस को भी भेजी है। इससे पता चला कि मुहब्बत ने भारत में अवैध तरीके से प्रवेश किया था। वह 15 साल से बिना वीजा के भारत में रह रही थी। हेमंत ने मुहब्बत के किसी गिरोह के चंगुल में फंसने और मानव तस्करी की आशंका जताई है।मां ने पैसे न होने की कही बात
मुहब्बत के शव की पुष्टि करने वाली मां गुलनारा ने पैसे के अभाव में भारत आने में असमर्थता जताई है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि शव मुहब्बत का था। पुलिस कानूनी रूप से इसकी पुष्टि के लिए मुहब्बत और उसकी मां का डीएनए मिलान कराना चाहती है। पुलिस ने मुहब्बत का विसरा सुरक्षित रखा है। डीएनए के लिए मुहब्बत की मां गुलनारा के खून के नमूने की आवश्यकता है। वहीं, गुलनारा का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह भारत आ सके।पुलिस ने डीएनए के लिए भी दूतावास को भी पत्र लिखा है। उम्मीद की जा रही है कि दूतावास की मदद से गुलनारा के खून का नमूना भारत मंगाया जाए या फिर गुलनारा को भारत बुलाया जाए।
ब्लाइंड मर्डर केस को ऐसे खुलासा
मेरठ के मवाना इलाके में 21 फरवरी को एक महिला का जला हुआ शव बरामद किया गया था। महिला के शव के मामले में 26 फरवरी को दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा का नाम सामने आया। इस नाम से आधार कार्ड मिलने के बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया। पुलिस का कहना था कि दिल्ली की अर्चिता अरोड़ा की हत्या रिठानी के पास अविका होटल में 17 फरवरी को की गई।होटल संचालक देवपुरी निवासी चंचल कुमार उर्फ बंटी के अपने साथियों जौहड़ी बागपत निवासी गुरमुख, प्रभातनगर निवासी संदीप और खजूरीवाली गली मलियाना निवासी विवेक के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम देने का दावा किया गया। शराब पीने के दौरान रुपयों के लेन-देन के विवाद में हत्या की बात कही गई। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस खुलासे के बाद कड़ियां जुड़ती चली गई।
ईयररिंग्स से बेटी की पहचान
मेरठ पुलिस ने मुहब्बत के मोबाइल की सीडीआर में मिली अंतिम कॉल के आधार पर 26 फरवरी को मुहब्बत की कथित सहेली चंडीगढ़ में रहने वाली एलीना से संपर्क किया। एलीना ने पुलिस को बताया कि आधार कार्ड पर फोटो मुहब्बत का है। उसका नाम अर्चिता अरोड़ा नहीं है। अलीना ने इस संबंध में अजीजा को जानकारी दी। अजीजा ने मवाना पहुंचकर जले हुए शव के फोटो हासिल किए।अजीजा ने मुहब्बत की मां गुलनारा को वीडियो कॉल की। गुलनारा ने ईयररिंग्स और ब्लैक टॉप देखकर बेटी की पहचान की। अजीजा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।











