भोपाल में पहली बार बारिश में ही पीडब्ल्यूडी ने करीब 180 किलोमीटर लंबी सड़कें सुधार दी। लिंक रोड नंबर-1, 2 समेत 10 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर व्हाइट टॉपिंग टेक्निक इस्तेमाल की गई। इससे धूल और गड्ढों से लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली।
हालांकि, अंदरूनी सड़कों के बुरे हाल हैं। गड्ढों की वजह से सड़कें ही गायब हो गई है। ऐशबाग की सड़क को लेकर तो प्रदर्शन भी हो चुका है।
पीडब्ल्यूडी की कुल 30 सड़कें ऐसी हैं, जहां पर जलभराव होता है। इन पर 6 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुल 92.05 किमी में से 7.70 किमी हिस्से पर जलभराव होता है। इसी हिस्से में सीमेंट कंक्रीट का प्लान है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के ने बताया, बारिश का दौर थमने के बाद जलभराव वाली सड़क पर सीमेंट कंक्रीट कराया जाएगा।
बारिश में उखड़ जाती है पीडब्ल्यूडी की सड़कें भोपाल के लिंक रोड नंबर-1, 2 और 3, कलियासोत-केरवा रोड, करोंद, 10 नंबर मार्केट, रोशनपुरा से पॉलिटेक्निक चौराहा, भारत नगर, होशंगाबाद रोड समेत कई सड़कें ऐसी हैं, जो हर साल बारिश में उखड़ जाती थी। इस वजह से लाखों लोग गड्ढे, धूल और कीचड़ से परेशान होते हैं। इस बार भी बारिश की वजह से सड़कों की सूरत बदल गई, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने व्हाइट टॉपिंग टेक्निक का इस्तेमाल कर सड़क के उस हिस्से को सुधार दिया, जो जर्जर हुआ है। कहीं पेवर ब्लॉक लगाए गए तो कहीं सीमेंट कंक्रीट की परत बिछा दी गई।
चीफ इंजीनियर मस्के ने बताया, व्हाइट टॉपिंग टेक्निक में मिलिंग मशीन की मदद से पुरानी डामर की सड़क की ऊपरी परत स्क्रैप कर कांक्रीट का मोटा लेप किया जाता है। 6 से 8 इंच मोटी कंक्रीट की परत बिछाई जाती है। जिससे भारी यातायात और खराब मौसम के बाद भी सड़क जल्दी नहीं उखड़ती।
बारिश में छह से सात बार सड़कों को सुधारा गया, क्योंकि जलभराव होने से सड़क का डामर, गिट्टी उखड़ रहे थे। जैसे ही बारिश रूकती, धूल की वजह से लोग परेशान हो जाते। सबसे पहले धूल और गिट्टी साफ करवाई गई। फिर टेक्निक के जरिए सड़क सुधारी गई।
कई जगहों पर पेवर ब्लॉक भी लगाए पीडब्ल्यूडी अफसरों के अनुसार, करोंद मंडी, बीजेपी ऑफिस के पास, 10 नंबर समेत कई जगहों पर सड़क पर पेवर ब्लॉक भी लगाए गए हैं। दरअसल, लगातार बारिश होने की वजह से सड़क की मरम्मत नहीं हो पा रही थी। इस वजह से पेवर ब्लॉक बिछा दिए गए। मानसून लौटने के बाद इन सड़कों की स्थायी मरम्मत की जाएगी।
निगम की सड़कों के हाल बुरे, विरोध प्रदर्शन पीडब्ल्यूडी सड़कों के सुधार के लिए जहां व्हाइट टॉपिंग टेक्निक का उपयोग कर रहा है, वहीं नगर निगम की सड़कों के हाल बुरे हैं। खासकर कॉलोनियों की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इस वजह से लाखों आबादी हर रोज परेशान हो रही है।
पुराने शहर के ऐशबाग, अशोका गार्डन, पुल बोगदा, बरखेड़ी, शिवनगर, करोंद समेत रायसेन रोड, रत्नागिरी, सोनागिरी, आनंद नगर, पटेल नगर, दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, बाग सेवनिया, बाग मुगालिया समेत कई जगहों पर सड़कें जर्जर है।











