भोपाल। शहर में महाशिवरात्रि का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिरों में बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। लोग पूर्ण श्रद्धाभाव से भगवान भोलेनाथ का पूजन-अभिषेक कर रहे हैं। इस पावन मौके पर तमाम मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। जगह-जगह शिव पूजन सामग्री बेलपत्र, नारियल, धतुरा का फल, फूल आदि की दुकानें लगी हैं। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थानों से गाजे-बाजों के साथ शिव बरात निकाली जाएगी। इसके साथ ही मेला, भजन, अभिषेक, आरती, प्रसादी वितरण एवं भंडारा सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसको लेकर निगम प्रशासन, पुलिस द्वारा सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं।
गाजे-बाजे के साथ दूल्हा बनकर निकलेंगे बाबा बटेश्वर
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में श्री बड़वाले महादेव मंदिर में चल रहे 21 दिवसीय महोत्सव के तहत आठ मार्च को भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। रजत रथ में नंदी पर सवार होकर बाबा बटेश्वर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर समिति के संजय अग्रवाल एवं प्रमोद नेमा ने बताया कि सुबह 11:30 बजे मंदिर परिसर से भव्य शिव बारात प्रारंभ होगी। भगवान राम का सजीव चित्रण, होली खेलते शिवजी, धूनी रमाते बटेश्वर महादेव एवं दो डमरू दल बारात के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बारात सिंधी मार्केट, जनकपुरी, हनुमानगंज, मंगलवारा, इतवारा, चौक, लखेरापुरा से भवानी चौक सोमवारा मंदिर पर पहुंचेगी यहां पर द्वारचार व वरमाला होगी।चार प्रहर अभिषेक व पाणिग्रहण महाशिवरात्रि पर सुबह पांच बजे से बाबा बटेश्वर का श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे। रात्रि साठ बजे प्रथम, 12 बजे द्वितीय, दो बजे तृतीय एवं प्रातः पांच बजे चतुर्थ प्रहर का अभिषेक होगा। मध्य रात्रि बटेश्वर व मां गोरा का पाणिग्रहण संस्कार कराया जाएगा।
पशुपतिनाथ मंदिर में नेपाली समाज करेगा रुद्राभिषेक
महाशिवरात्रि पर श्रीपशुपतिनाथ नेपाली समाज द्वारा शिव बारात एवं कलश यात्रा निकाली जाएगी। नेपाल के परंपरागत पन्चेबाजा के साथ शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे श्रीराम मंदिर ट्रस्ट गुरूबख्श की तलैया से बारात प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, भारत टॉकीज ब्रिज के ऊपर, 80 फीट रोड, अशोका गार्डन, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहा, अप्सरा टाकीज रोड, गोविंदपुरा बस स्टाप से होते हुए 12 बजे श्री पशुपतिनाथ मंदिर गोविंदपुरा पहुचेंगी। यहां भगवान श्री पशुपतिनाथ का रूद्राभिषेक किया जावेगा।
मां दुर्गा धाम शक्तिपीठ मंदिर से निकलेगी शिव बारात
मां दुर्गा धाम शक्तिपीठ मंदिर से महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को शाम पांच बजे शिव बारात निकाली जाएगी । कैलाश पर्वत एवं नंदी पर सवार झांकियां के दर्शन कराए जाएंगे। भूत प्रेतों का स्वांग रचाए टोलियां भोले की बारात में नृत्य करते हुए नजर आएंगी। मंत्री विश्वास सारंग एवं महापौर मालती राय के साथ गणमान्य नागरिक भोले शंकर के बाराती बनेंगे। मंदिर के प्रचार सचिव अनिल ठाकुर ने बताया कि शिव बारात कैलाश पर्वत से प्रारंभ होकर अशोका गार्डन के मुख्य मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः दुर्गा धाम मंदिर पर आएगी। आतिशबाजी की जाएगी। मंदिर में महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर पूजा अर्चना की गई।
उमापति महादेव मंदिर में अभिषेक के साथ मेला शुरू
महाशिवरात्रि महोत्सव संत हिरदाराम नगर में परंपरागत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा। त्यौहार की पूर्व संध्या पर स्टेशन रोड स्थित उमापति महादेव मंदिर पूजा अर्चना एवं अभिषेक के साथ दो दिनी मेला शुरू हुआ। विधायक रामेश्वर शर्मा ने मेले का शुभारंभ किया। इस माैके पर मंदिर समिति के पदाधिकारी रमेश हिंगोरानी, प्रमुख समाजसेवी हीरो ज्ञानचंदानी, पूज्य सिंधी पंचायत के महासचिव माधु चांदवानी, महेश दयारामानी, नरेश चोटरानी, महेश खटवानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे। गुरूवार को राम, श्याम एंड पार्टी की ओर से लोक संगीत कार्यक्रम पेश किया गया। आठ मार्च को पूजा अर्चना एवं अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन देर रात को सिंधी लोक संगीत कार्यक्रम होगा। पूजन के बाद सभी की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए सामूहिक प्रार्थना की जाएगी। फोटो- उमापति महादेव मंदिर में अभिषेक के साथ मेला शुरू हुआ।
झूलेलाल मंदिर में आज होगा महाभिषेक एवं पूजा अर्चना
महाशिवरात्रि पर संत हिरदाराम नगर में अनेक धार्मिक कार्यक्रम होंगे। पुराना बी वार्ड स्थित झूलेलाल, आसनलाल मंदिर में आठ मार्च को सुबह 10 बजे शिव जी का महाभिषेक किया जाएगा। सेवादार जगदीश टेहलानी ने बताया किसाधक शिवजी की आरती एवं स्तुति के साथ सभी की खुशहाली की कामना करेंगे। साई सेलिब्रेशन गार्डन में सुबह 11 बजे पं. मुकेश महाराज के सान्निध्य में अभिषेक एवं पूजन होगा। नौ मार्च को दोपहर 12 बजे से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी। सुखसागर दरबार में बाबा रामदास उदासीन के सान्निध्य में महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। टेंपल आफ संबोधि में भी हवन पूजन होगा।











