साइबर ठगी में हो रहा प्रदेश के नागरिकों के बैंक खातों का उपयोग
Updated on
04 Mar 2024, 05:28 PM
भोपाल। शांति के टापू कहे जाने वाले मप्र की राजधानी भोपाल है। लेकिन साइबर अपराधियों ने इस शहर में घुसपैठ बना ली है। हाल ही में देश के अन्य राज्यों में साइबर ठगी के मामलों में जांच में पता चला कि ठगी की रकम राजधानी में रह रहे कुछ लोगाें के खातों में ट्रांसफर हुई है।ठगी के लिए चर्चित राज्यों की तरह भोपाल के रहवासियों के भी बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी में सामने आ रहे हैं।इसको लेकर महाराष्ट्र और पंजाब की टीम साइबर टीमें भोपाल चक्कर लगा रही है। इनमें अधिकांश ओटीपी, लोन के आरोपितों की रकम पहुंच रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में अब साइबर ठगी की घटनाएं सामने आती थी,लेकिन अब भोपाल के रहवासियों के खातों के उपयोग साइबर ठगी में सामने आने लगे हैं। साइबर विशेषज्ञ संदीप शर्मा ने बताया कि लोन एप जैसे साइबर ठग रहते तो विदेश में हैं, लेकिन भारत में इनका पूरा सिंडिकेट काम करता है. अब यह भारत के लोगों के बैंक खाता भी किराये पर लेने लगे हैं. इसके बदले साइबर ठग खाताधारकों को मोटी रकम देते हैं, ऐसे में बेरोजगार लोगों को लगता है कि इससे घर बैठे ही मोटी कमाई हो जाती है। इसलिए इनके निशाने पर कम आय वाले लोग रहते हैं, छात्र और महिलाओं के बैंक खातों का यह उपयोग करते हैं।जब आनलाइन ठगी मेें अधिकांश मामलों में पुलिस इन खाताधारकों को गिरफ्तार करती, तब तक मुख्य आरोपित बाहर निकल जाते हैं।
पंजाब और महाराष्ट्र पुलिस भोपाल पहुंचीपंजाब के तरनतारन में एक किसान के साथ साइबर ठगी की गई और उसकी पांच लाख की राशि भोपाल के पिपलानी में रहने वाली महिला के बैंक खाते में जमा हुई थी, इसी तरह नवी मुंबई की एक महिला से रिश्तेदार बनकर बीमारी का बहाना बनाकर करीब 25 हजार रुपये आनलाइन जमा कर दिए थे, बाद में मामले में पुलिस तक पहुंचा । पुलिस ने जांच में पाया कि भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाले एक युवक के खाते में जमा हुई है। दोनों मामलों में पुलिस आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है।
खुदकुशी करने भूपेंद्र की राशि भी भोपाल में हुई थी जमा
इससे पहले नवंबर 2023 में पुलिस ने आनलाइन लोन एप में फंसने के बाद पत्नी-बच्चों सहित जान देने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा के रुपये ठगने वाले जिन अपराधियों को पुलिस देशभर में तलाश रही थी, वह शहर में ही मौजूद थे।लोन एप की ठगी की राशि कई जगहों से होती हुई भोपाल के पांच लोगों के जमा हुई थी। इस मामले में पांच आरोपितों को बाद में गिरफ्तार किया गया था।
इनका कहना है
साइबर ठगी की घटनाओं में अब भोपाल के लोगों के बैंक खातों का उपयोग किए जाने लगे हैं,इसको लेकर बाहर की पुलिस टीम आती रहती है।