शेख हसीना ने अपने खिलाफ फैसला आने से पहले रविवार रात को सोशल मीडिया पर ऑडियो संदेश जारी किया है। हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग के समर्थकों से सरकारी प्रतिबंध के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहा है। 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने समर्थकों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि मैं जिंदा रहूंगी और लोगों के लिए लड़ूंगी।
बांग्लादेश में फिर हिंसा, शेख हसीना पर फैसले से पहले ढाका में धमाके, प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश
ढाका: बांग्लादेश में हिंसा और अस्थिरता का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत कई शहरों में धमाके और आगजनी हुई है। इससे खासतौर से ढाका में तनाव बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब शेख हसीना के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) फैसला सुनाने जा रहा है। शेख हसीना को पिछले साल छात्रों के प्रदर्शन पर कार्रवाई का मामला चल रहा है। इसमें दोषी ठहराए जाने पर हसीना को मौत की सजा तक हो सकती है। फैसले से पहले मोहम्मद यूनुस की सरकार ने देशभर में सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रदर्शनकारियों को गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
शेख हसीना ने अपने खिलाफ फैसला आने से पहले रविवार रात को सोशल मीडिया पर ऑडियो संदेश जारी किया है। हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग के समर्थकों से सरकारी प्रतिबंध के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहा है। 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने समर्थकों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि मैं जिंदा रहूंगी और लोगों के लिए लड़ूंगी।
ढाका में एक पुलिस स्टेशन परिसर में खड़ी बसों और कचरा डंपिंग स्थल को निशाना बनाकर आगजनी की गई। मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त एसएम सजात अली ने सुरक्षाबलों को हिंसा करने वाले प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया है। हिंसा और पुलिस के रुख से अंदेशा जताया जा रहा है कि हसीना के खिलाफ फैसले से देश में राजनीतिक अराजकता बढ़ सकती है।
शेख हसीना ने अपने खिलाफ फैसला आने से पहले रविवार रात को सोशल मीडिया पर ऑडियो संदेश जारी किया है। हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग के समर्थकों से सरकारी प्रतिबंध के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहा है। 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने समर्थकों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि मैं जिंदा रहूंगी और लोगों के लिए लड़ूंगी।











