नई दिल्ली: चीन का रियल एस्टेट संकट (China Real Estate Crisis) गहराता जा रहा है। देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक एवरग्रैंड (Evergrande) का शेयर सोमवार का मार्केट खुलते ही 25 परसेंट गिर गया। पुलिस ने कंपनी की वेल्थ मैनेजमेंट यूनिट के कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। इससे पहले एवरग्रैंड के शेयरों की ट्रेडिंग 17 महीने तक बंद रही थी और 28 अगस्त को इसे फिर से शुरू किया गया था। सोमवार को बाजार खुलते ही कंपनी का स्टॉक 25 परसेंट की गिरावट के साथ 0.465 हॉन्ग कॉन्ग डॉलर पर आ गया। यह दो हफ्ते में इसका न्यूनतम स्तर है। जनवरी से जून के दौरान कंपनी को 4.5 अरब डॉलर का घाटा हुआ है।
इस कंपनी का हेडक्वार्टर शेनजेन में है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक शेनजेन की पुलिस ने शनिवार की रात को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि पुलिस ने एवरग्रेंड के वेल्थ मैनेजमेंट डिवीजन के जनरल मैनेजर डू लियांग और दूसरे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया है कि कुल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन पर क्या चार्ज हैं या उन्हें कब हिरासत में लिया गया। एवरग्रैंड दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज वाली रियल एस्टेट कंपनी है। इस पर 300 अरब डॉलर से अधिक कर्ज है।
चीन की इकॉनमी के लिए खतरा
इसी कंपनी के कारण चीन में रियल एस्टेट का संकट शुरू हुआ था। इस कंपनी ने 2021 में पेमेंट में डिफॉल्ट किया था। इसका असर चीन के रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ा और वह अभी गहरे संकट में है। रियल एस्टेट कंपनियों के डिफॉल्ट करने से बैंकों की भी हालत खराब है। आशंका जताई जा रही है कि यह संकट चीन की पूरी इकॉनमी को डुबो सकता है। इसकी वजह यह है कि रियल एस्टेट सेक्टर में चीन ने भारी निवेश किया है। कंस्ट्रक्शन उससे जुड़ी गतिविधियों की चीन की जीडीपी में करीब 25 परसेंट हिस्सेदारी है।











