चांदपुर में आरा मशीन शिफ्टिंग निरस्त होते ही सरकारी जमीन को लगा अतिक्रमण का ग्रहण

चांदपुर में आरा मशीन शिफ्टिंग निरस्त होते ही सरकारी जमीन को लगा अतिक्रमण का ग्रहण
 भोपाल। चांदपुर में करीब 30 एकड़ जमीन का चयन शहर की आरा मशीनों को शिफ्ट करने के लिए किया गया था। दो साल पहले इस जमीन पर शिफ्टिंग प्रस्ताव निरस्त होने के बाद से भूमाफिया की नजर बनी हुई है। यहां तेजी से अवैध कब्जा कर निर्माण किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं अवैध प्लाटिंग भी जमकर हो रही है। इसके बाद भी यहां किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। राजधानी की सीमा पर स्थित बिशनेखड़ी चांदपुर में अतिक्रमण का जाल फैल

छह साल पहले थे 35, अब 100 से अधिक कब्जे

चांदपुर में आरा मशीन शिफ्टिंग की प्रक्रिया जोरों पर होने के दौरान 2020 में तात्कालीन मंत्री आरिफ अकील ने चांदपुर के प्रस्तवित स्थल का निरीक्षण किया था। तब मौके पर 35 कब्जे मिले थे। कब्जे देखकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी अतिक्रमण हटाने और चारदीवारी करने के निर्देश उद्योग विभाग को दिए थे। लेकिन इस जमीन पर कभी शिफ्टिंग हुई ही नहीं। इधर 2023 में परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में शिफ्टिंग होना तय हुई है जबकि इस बीच चांदपुर में कब्जे 35 से बढ़कर 100 पार कर गए हैं।

भोपाल बायपास के पास स्थित है शासकीय भूमि

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बिशनखेड़ी चांदपुर भोपाल बायपास से लगी हुई है। यहां पर शासकीय भूमि का एक बड़ा हिस्सा स्थित है। पूर्व में कई बार राजस्व ने इसका उपयोग करने की योजनाएं बनाईं लेकिन वह धरातल पर नहीं उतर सकी। इस वजह से भूमाफिया की नजर करोड़ों रुपये की इस भूमि पर बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्र के रहवासी बताते हैं कि चांदपुर में अतिक्रमणकारी तेजी से कब्जा कर रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि बिना किसी अनुमति के यहां प्लाटिंग की जा रही है।

आसपास के गांवों में धड़ल्ले से कट रही अवैध कालोनी

भोपाल बायपास के पास स्थित सिर्फ चांदपुर ही गांव नहीं है जहां अवैध कालोनी विकसित हो रही हों।इसके आसपास स्थित एक दर्जन से अधिक गांव में अवैध कालोनियां कट रही हैं। इनमें जगदीशपुर, ईंटखेड़ी, अचारपुरा, डोबरा, मुबारकपुर, अरवलिया, परवलिया, इमलिया, सेमरा, मुगालिया कोट, सूखीसेवनियां, दुपाड़िया, श्यामपुर, देवलखेड़ी, भैंरोपुरा, मस्तीपुरा सहित अन्य गांव शामिल हैं। जहां पर पंचायतों की मिलीभगत से जमकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है।

किया जाना है सर्वे

जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 से अब तक जिले में विकसित हुईं अवैध कालोनियों की सूची सभी एसडीएम, तहसीलदार को तैयार करना है। यह निर्देश कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दिए थे। इसके लिए सर्वे शुरू किया गया था जिसमें प्राथमिक तौर पर 20 से अधिक अवैध कालोनी चिह्नित की जा चुकी हैं। जिनमें 15 हुजूर तहसील की शामिल हैं।
बिशनखेड़ी, चांदपुर में शासकीय भूमि पर शिफ्टिंग की मुझे जानकारी नहीं हैं। यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध कालोनियों की सूची तैयार कराई जा रही है।
- आशुतोष शर्मा, एसडीएम, हुजूर
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