पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हम आवश्यक कदम उठा रहे हैं। क्षतिग्रस्त पुलों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की जाएगी। उन्होंने गुरुवार को कोटद्वार में मालन पुल का निरीक्षण किया। इसका एक हिस्सा हाल ही में भारी बारिश के दौरान ढह गया था। विभाग के अधिकारियों को एक माह के भीतर मरम्मत कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को सौंपने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना कि पुलों की खराब स्थिति के कारण जानमाल के नुकसान से राहत के लिए उचित कार्रवाई की जा रही है।
प्रदेश में हैं 3262 पुल
उत्तराखंड प्रदेश में कुल पुलों की संख्या 3262 है। पुलों को लेकर कराए गए ताजा ऑडिट में असुरक्षित क्षेणी के पुलों को चिह्नित किया गया है। पौड़ी जिले में 15 पुलों के असुरक्षित किए जाने के साथ-साथ देहरादून के 13 पुलों को इस श्रेणी में रखा गया है। इसके बाद चमोली के 9, टिहरी के 7, उत्तरकाशी और हरिद्वार में 6-6, उधम सिंह नगर में 5, अल्मोड़ा में 4, पिथौरागढ और नेशनल हाइवे पर 3-3, नैनीताल में 2 और रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में एक-एक पुल को असुरक्षित की श्रेणी में रखा गया है। राज्य सरकार ने पुराने और जर्जर पुलों को बदलने की योजना बनाई है।











