टीसीएस ने साल 2020, 2018 और 2017 में भी शेयर बायबैक किया था और हर बार 16,000 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद की। साथ ही कंपनी 30 सितंबर, 2023 को खत्म तिमाही के रिजल्ट पर भी 11 अक्टूबर की बैठक में विचार करेगी। इक्विटी शेयरहोल्डर्स के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया जा सकता है। हाल के दिनों में कंपनी को कई बड़े ऑर्डर मिले हैं। इससे कंपनी के रेवेन्यू में आगे तेजी आने की उम्मीद है। टीसीएस मार्केट कैप के हिसाब से रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।
बाजार में गिरावट के बीच टीसीएस का शेयर 52 हफ्ते के टॉप पर, जानिए क्या है वजह
नई दिल्ली: इजरायल और हमास के बीच लड़ाई के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में यह एक फीसदी से अधिक तेजी के साथ 3680.00 रुपये पर पहुंच गया। यह इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। कंपनी के बोर्ड की 11 अक्टूबर को मीटिंग हो रही है जिसमें शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार होगा। टीसीएस ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद यह घोषणा की। इससे पहले टीसीएस ने पिछले साल मार्च में शेयरों की पुनर्खरीद की थी। तब कंपनी ने प्रति शेयर 4,500 रुपये पर 1,8000 करोड़ रुपये के शेयरों का बायबैक किया था।
एक साल का सफर
टीसीएस का शेयर पिछले सत्र में 3,620.20 रुपये पर बंद हुआ था और सोमवार को यह 3654 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 3680.00 रुपये के उच्चतम और 3631.10 रुपये के न्यूनतम स्तर पर पहुंचा। सुबह 10.40 बजे यह 1.14 फीसदी तेजी के साथ 3658.00 रुपये पर ट्रेड कर रहा था जबकि सेंसेक्स 337.54 अंक यानी 0.51 फीसदी गिरावट के साथ 65,658.09 अंक पर था। टीसीएस का 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 3,013.05 रुपये है जो इसने पिछले साल 10 अक्टूबर को छुआ था। टीसीएस का मार्केट कैप 13,40,310.52 करोड़ रुपये है जबकि रिलायंस का मार्केट कैप 15,59,556.81 करोड रुपये है।











