इजरायल-हमास युद्ध के बीच मध्य-पूर्व पहुंची अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी, मकसद क्या है?
Updated on
06 Nov 2023, 01:39 PM
तेल अवीव: अमेरिका ने इजरायल-हमास युद्ध के बीच एक असामान्य घोषण की है। अमेरिकी नौसेना ने बताया है कि उसकी ओहियो क्लास की एक परमाणु पनडुब्बी यूएस सेंट्रल कमांड के ऑपरेशनल एरिया में पहुंच गई है। कमांड ने सोमवार को स्वेज नहर से गुजरते हुए इस परमाणु पनडुब्बी की एक तस्वीर भी प्रकाशित की है। आमतौर पर पनडुब्बियों की गतिविधियों को काफी गुप्त रखा जाता है। पनडुब्बियां जब तक दुश्मनों की नजर में न आएं, तब तक ज्यादा प्रभावी होती हैं। ऐसे में अमेरिका के इस असामान्य ऐलान ने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। माना जा रहा है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी परमाणु पनडुब्बी के तैनाती की सूचना किसी खास रणनीति के तहत दी है।
अमेरिका ने क्यों तैनात की परमाणु पनडुब्बी
अमेरिकी नौसेना ने ओहियो क्लास की इस परमाणु पनडुब्बी की पहचान का खुलासा नहीं किया है। यह भी ज्ञात नहीं है कि यह टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को ले जाने वाली चार पनडुब्बियों में से एक है या ट्राइडेंट- II बैलिस्टिक मिसाइलों को ले जाने वाली 14 पनडुब्बियों में से एक है। ट्राइडेंट- II अमेरिका की परमाणु मिसाइल है, जो एक साथ कई वॉरहेड ले जा सकती है। इसके बावजूद यह पनडुब्बी मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ताकत में महत्वपूर्ण इजाफा करेगी और दुश्मनों को अमेरिकी सेना पर हमले से रोकने के काम आएगी। अगर अमेरिकी बलों पर हमला होता है तो यह पनडुब्बी दुश्मन के खिलाफ रणनीतिक रूप से बड़ी भूमिका निभा सकती है।
सीआईए प्रमुख भी इजरायल पहुंचे
इस बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए के प्रमुख विलियम बर्न्स पहले ही इजरायल पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि बर्न्स हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और अपहृत लोगों के मुद्दे पर बातचीत करेंगे। विलियम बर्न्स को मध्य पूर्व का अच्छा खासा अनुभव है। वह काफी समय तक इस इलाके में काम कर चुके हैं। अमेरिका ने पहले ही इजरायल की खुले तौर पर सहायता का ऐलान किया हुआ है। ऐसे में अमेरिकी खुफिया एजेंसी के प्रमुख की इजरायल यात्रा ने हमास के खिलाफ युद्ध को और ज्यादा तेज होने के संकेत दिए हैं। इजरायल शुरू से ही दो-टूक कहता आ रहा है कि वह गाजा पट्टी से हमास के खात्मे तक नहीं रुकने वाला है। अमेरिका भी हमास के खिलाफ इजरायल के सुर में सुर मिला रहा है।