पाचन तंत्र के कैंसर पर फोकस
इस क्लिनिक में भोजन नली, पेट, छोटी-बड़ी आंत, मलाशय, यकृत, पित्ताशय और अग्न्याशय के कैंसर से पीड़ित मरीजों की जांच और इलाज किया जाता है। इसका संचालन सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलाजी विभाग के विभागाध्यक्ष और अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता और सहायक प्रोफेसर डा. प्रवेश माथुर कर रहे हैं। दोनों विशेषज्ञ मरीजों को समय पर और समग्र देखभाल देने पर जोर दे रहे हैं ताकि जटिल मामलों में भी बेहतर परिणाम मिल सकें।
समय पर इलाज से बढ़ती है सफलता
डॉ. गुप्ता और डॉ. माथुर का कहना है कि कैंसर के इलाज में नियमित और समय पर फालोअप बहुत जरूरी होता है। अपाइंटमेंट में देरी होने पर उपचार का असर कम हो सकता है। इसलिए मरीजों को सलाह दी गई है कि वे समय पर क्लिनिक आएं और उपचार की प्रक्रिया को बीच में न छोड़ें। एम्स भोपाल ने इस सुविधा को सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम बताया है। इसका मकसद प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय कैंसर देखभाल उपलब्ध कराना है।











