एमपी की डॉ. मोहन यादव सरकार प्रदेश में निवेश लाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसके लिए कई उद्योगिक कॉन्क्लेव और इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन किया जा रहा है। इसी कोशिश का नतीजा है कि राज्य को तकनीकी निवेश के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है।
500 करोड़ की लागत से यहां खुल रहा एआई डाटा सेंटर, खासियत जान रह जाएंगे हैरान
भोपाल: मध्य प्रदेश में जल्द ही पहला एआई डेटा सेंटर शुरू होने वाला है। 500 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाला यह सेंटर पीथमपुर में होगा और 2026 में शुरू हो जाएगा। यह सेंटर भारत के साथ-साथ जापान, यूरोप और अमेरिका की कंपनियों को भी सेवाएं देगा।
आर्थिक राजधानी के पास बन रहा एआई सेंटर
इंदौर के पास पीथमपुर इंडस्ट्रियल जोन में 4.8 एकड़ जमीन पर यह एआई डेटा सेंटर बनाया जा रहा है। मेसर्स रेकबैंक डाटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
लिक्विड कूलिंग पर करेगा काम
यह एआई डेटा सेंटर आम डेटा सेंटर से अलग होगा। इसमें एयर कूलिंग की जगह लिक्विड कूलेंट का इस्तेमाल होगा। इसे लेकर औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि एआई डाटा सेंटर परंपरागत डाटा सेंटर से अलग तकनीक से तैयार किया जा रहा है। इसी कारण से इसमें लिक्विड कूलेंट यानी शीतलक का उपयोग किया जाना है।
सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से 150 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि पीथमपुर में अच्छी बिजली और इंटरनेट की सुविधा है। यहां फाइबर केबल भी आसानी से उपलब्ध है।
पहले से मौजूद है निजी डेटा सेंटर
इसके अलावा चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों के मुकाबले यहां जमीन भी सस्ती है। फिलहाल, मध्य प्रदेश में एक सरकारी और एक निजी डेटा सेंटर हैं।
यह नया एआई डेटा सेंटर राज्य को एआई डेटा सेंटर का हब बना सकता है। अधिकारियों का इसे लेकर कहना है कि पीथमपुर में उच्च क्षमता की बिजली और इंटरनेट के लिए फाइबर केबल की उपलब्धता है, इस कारण यहां पर एआई डाटा सेंटर आसानी से शुरू किया जा सकता है।











