केंद्र सरकार का संस्थान NCCF (नैशनल कोऑपरेटिव कंस्यूमर फेडरेशन) ने सोमवार से 25 रुपये/किलो के रेट से इसे मुहैया कराएगा। फेडरेशन के एमडी अनीस जोसफ ने कहा कि शुरू में हम दिल्ली में प्याज की रिटेल बिक्री शुरू करेंगे। मोबाइल वैन और दो खुदरा दुकानों के जरिए प्याज बेची जाएगी। सोमवार को 10 मोबाइल वैन भेजी जाएंगी। बाद में धीरे-धीरे और क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाएंगे। ओएनडीसी प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन प्याज भी बेची जाएगी। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने उम्मीद जताई कि बाजार में नई फसलों के आने के साथ अगले महीने से सब्जियों की कीमतें घटेंगी।
कब घटेगी कीमत
इस बीच प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने पर व्यापारियों ने खुशी जताई है। व्यापारियों के मुताबिक, इससे प्याज के बढ़ते रेट पर लगाम लगेगी और इसके दाम अब कम होंगे। आजादपुर सब्जी मंडी में राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश और गुजरात से प्याज की सप्लाई होती है। हर रोज 62 से 70 गाड़ियां आजादपुर मंडी में आती हैं। हर एक गाड़ी में 15 से 25 टन प्याज होती है। अनियन ट्रेडर्स असोसिएशन के प्रधान श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि दूसरे राज्यों से आजादपुर मंडी में आने वाले प्याज के थोक दाम में बढ़ोतरी हुई है। आलम यह है कि मंडी में प्याज का थोक दाम 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसकी वजह से बाजार में प्याज 40 से 45 रुपये में बिक रहा है।लेकिन सरकार की ओर से प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाने से देश में प्याज के बढ़ रहे दाम पर लगाम लगेगी। इसका असर सोमवार से मंडी और बाजार में दिखने लगेगा। श्रीकांत का कहना है कि बरसात में प्याज की ज्यादातर फसल बर्बाद हो गई है। इसकी वजह से रेट में उछाल आया है, लेकिन अब राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि ट्रेडर्स ने आशंका जताई है कि प्याज के एक्सपोर्ट पर 40 परसेंट ड्यूटी लगाने से इसके निर्यात में 50 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। देश से करीब 90 फीसदी प्याज का निर्यात महाराष्ट्र से होता है। इसमें से भी 70 परसेंट प्याज नासिक से एक्सपोर्ट होता है। रविवार को कुछ किसानों ने इसके खिलाफ धरना दिया।











