रायपुर l मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘जनदर्शन’ से जरुरतमंदों को तुरंत राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ‘जनदर्शन’ में पहुंचे लोगों से बड़े स्नेह से मिल रहे हैं और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित कर रहे हैं। रायपुर जिले के ग्राम माठ के महेश भोभरे का मां के निधन के बाद पत्नी के नाम से राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। विगत 27 जून को पहले ‘जनदर्शन’ में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी इस समस्या की जानकारी दी। संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तुरंत ही खाद्य विभाग को उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर महेश के मुख्यमंत्री निवास से निकलने के पहले ही राशन कॉर्ड बन जाने की सूचना उन्हें मिल गई।
मुख्यमंत्री श्री साय की तत्परता से तुरंत राशन कार्ड बन जाने से खुश महेश आज मुख्यमंत्री से मिलने दोबारा ‘जनदर्शन’ में पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवार के लिए नया राशन कार्ड मिलने पर धन्यवाद दिया और अपने परिवार की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
*मुख्यमंत्री ने बागबाहरा वन क्षेत्र में निवासरत कमार परिवारों के बेदखली के मामले की जांच के निर्देश दिए*
रायपुर, 04 जुलाई 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित सप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र के कमार जनजाति परिवारों के आवेदन की सुनवाई की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को वर्षाें से बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 निवासरत कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जारी नोटिस की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
बेदखली की कार्यवाही रोकने की फरियाद लेकर पहुंचे
जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 में निवासरत कमार जनजाति के परिवार के लोग मुख्यमंत्री से बेदखली की कार्यवाही रोकने की फरियाद लेकर पहुंचे थे। अलख राम कमार ने बताया कि उसके सहित 20 कमार परिवारों को उक्त वन क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए नोटिस जारी की गई है। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार वन अधिकार अधिनियम 2006 के पूर्व से 20 कमार परिवार के लोग उक्त वन क्षेत्र में निवास कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। वर्ष 2008 में ग्राम पंचायत तमोरा द्वारा पेयजल व्यवस्था के लिए वहां बोर खनन कराया गया है। वन अधिकार समिति द्वारा 10 मई 2008 को काबिज परिवारों को पट्टा दिए जाने की भी अनुशंसा की गई है। पट्टा के नाम पर अधिकारियों द्वारा राशि की मांग किए जाने का विरोध करने पर आज पर्यन्त तक उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं दिया गया। कमार परिवारों को प्रताड़ित करने के लिए समय-समय पर बेदखल किए जाने की धमकी और नोटिस दी जाती है, जिससे कमार परिवार के लोग भयभीत है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
कुनकुरी सदन में रहकर बच्चे के इलाज के लिए दिया आवेदन, मुख्यमंत्री ने कहा तुरंत ही चले जाएं, व्यवस्था हो जाएगी
आवेदिका शशि वर्मा ने मुख्यमंत्री से कहा कि बच्चे का इलाज रायपुर में कराना है। मैंने सुना है कि कुनकुरी सदन में इलाज के लिए आए लोगों के लिए रहने की सुविधा आपने दी है तो इसलिए मैं भी आग्रह करने यहां पहुंची हूं। मुख्यमंत्री ने शशि से कहा कि आप बच्चे को लेकर कुनकुरी सदन चले जाइए। कुनकुरी सदन इसलिए ही बनाया गया है ताकि राजधानी में इलाज में किसी तरह की दिक्कत महसूस कर रहे लोगों की सहायता की जाए। वहां पर प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बालक के कुनकुरी सदन में रहने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। श्रीमती शशि वर्मा ने बताया कि उन्हें कुनकुरी सदन के बारे में किसी ने बताया था। कल ही पता चला कि आज मुख्यमंत्री का जनदर्शन कार्यक्रम है इसलिए मैं यहां पर आई और आज ही मुख्यमंत्री ने मेरी समस्या का समाधान कर दिया। मैं बहुत खुश हूं।
