चूना भट्टी के जिस स्थान दुर्गानगर में आरोपितों की अंतिम लोकेशन मिली थी। उसके आसपास चप्पे-चप्पे पर सर्चिंग की गई। मुखबिर तंत्र और साइबर तकनीक की मदद से अंतत: मामला सुलझा लिया गया। इस मामले में तीन आरोपितों को अभिरक्षा में ले लिया गया है। इनमें से एक नाबालिग दुर्गानगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ चूनाभट्टी थाने में एक केस पहले से दर्ज है। दूसरा नाबालिग और तीसरा आरोपित 18 वर्षीय आदित्य करंजिया भी कोलार कॉलोनी का रहने वाला है।
साहब का वर्दी वाला फोटो देख आईफोन वहीं फेंक गए थे
चार इमली निवासी 47 वर्षीय डॉ. आशीष मंगलवार रात पत्नी के साथ घर के पास टहल रहे थे। रात 10 बजे ई-11 की लाइन के सामने बाइक पर आए तीन लड़के उनके हाथ से दो मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए थे। घटना का पता चलते ही शहर में हड़कंप मच गया था। सर्चिंग के दौरान लूटा गया आईफोन घटनास्थल के पास से ही बरामद हो गया था। उसमें स्क्रीन पर डॉ. आशीष का वर्दी वाला फोटो मौजूद था।
दूसरे मोबाइल फोन को बदमाशों ने चूनाभट्टी के दुर्गानगर में बंद कर दिया था। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि लूटे गए दूसरे फोन को आरोपितों ने चूना भट्टी थाने के पास स्थित स्वर्ण जयंती पार्क में गड्ढा खोदकर दबा दिया था।











