भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) मेन रोड से बीआरटीएस कारिडोर हटाने के साथ ही 14 साल पहले स्थापित किए गए बस स्टापेज भी हटाए जा रहे हैं। स्टापेज हटने के बाद लो-फ्लोर बसों में सफर करने वालों को परेशान होना पड़ रहा है। इसका कारण है अब यह बसों कहीं भी खड़ी होने लगी हैं। अभी तक इनके नए स्टापेज तय नहीं हुए हैं।
कई स्टापेज हटाए
लाल बसों के लिए हलालपुर से सीहोर नाका क्षेत्र तक बने करीब एक दर्जन स्टापेज में से आधे से अधिक हटाए जा चुके हैं। हलालपुर से संतजी की कुटिया के बीच यातायात का दबाव कम रहता है, लेकिन कुटिया से सीहोर नाके के बीच दबाव अधिक होने के कारण बस रुकते ही पीछे आ रहे वाहनों को परेशान होना पड़ता है। दुर्घटनाओं का भय भी बना रहता है। दूसरी और निर्धारित स्टापेज नहीं होने से यात्रियों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि बस आखिर कहां खड़ी होगी। यही कारण है कि सवारी दिखते ही बस ड्राइवर ब्रेक लगा देते हैं।
बसों के स्टापेज तय करना जरूरी
लो फ्लोर बसों में सबसे अधिक यात्री चंचल चौराहे, स्टेशन रोड तिराहे एवं कालका चौराहे से सवार होते हैं। इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द नए स्टापेज बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। हाल ही में बीआरटीएस मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने नए बस स्टापेज जल्द तय करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नगर निगम एवं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड अभी तक स्टापेज तय नहीं कर सका है। पार्षद अशोक मारण ने नए स्टापेज जल्द घोषित करने की मांग की है। मारण ने यातायात पुलिस से आग्रह किया है कि नए स्टापेज तय होने तक बसों के अस्थाई स्टापेज बनाए जाएं, ताकि जाम न लगे और लोगों को सुविधा हो सके।











