ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology सबसे आगे है। इसके शेयरों में 8 मई से 56% की वृद्धि हुई है। युद्धपोत बनाने वाली कंपनियां कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 41% और GRSE के शेयरों में 40% की तेजी आई है। मिश्रा धातु निगम, जेन टेक्नोलॉजीज, पारस डिफेंस और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में भी 30% से अधिक की वृद्धि हुई है। रक्षा PSU कंपनी HAL, जो तेजस जेट और ध्रुव हेलीकॉप्टर बनाती है, के शेयरों में 16% की तेजी आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार स्वदेशी हथियारों की सफलता को देखते हुए रक्षा क्षेत्र को और ऑर्डर देगी। इससे निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस स्टॉक्स में आया तूफान, 1.8 लाख करोड़ रुपये का हो गया फायदा!
नई दिल्ली: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस संघर्ष में भारत में बने मिसाइलों और ड्रोन ने पाकिस्तान के रडार को चकमा दे दिया था। वहीं, भारत की हवाई सीमा पूरी तरह से सुरक्षित थी। चूंकि अब दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुके है, लेकिन भारतीय डिफेंस स्टॉक्स रॉकेट बने हुए हैं। निवेशकों को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद डिफेंस सेक्टर में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इस वजह से डिफेंस स्टॉक्स में 9 मई से लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology सबसे आगे है। इसके शेयरों में 8 मई से 56% की वृद्धि हुई है। युद्धपोत बनाने वाली कंपनियां कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 41% और GRSE के शेयरों में 40% की तेजी आई है। मिश्रा धातु निगम, जेन टेक्नोलॉजीज, पारस डिफेंस और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में भी 30% से अधिक की वृद्धि हुई है। रक्षा PSU कंपनी HAL, जो तेजस जेट और ध्रुव हेलीकॉप्टर बनाती है, के शेयरों में 16% की तेजी आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार स्वदेशी हथियारों की सफलता को देखते हुए रक्षा क्षेत्र को और ऑर्डर देगी। इससे निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे।
ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology सबसे आगे है। इसके शेयरों में 8 मई से 56% की वृद्धि हुई है। युद्धपोत बनाने वाली कंपनियां कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 41% और GRSE के शेयरों में 40% की तेजी आई है। मिश्रा धातु निगम, जेन टेक्नोलॉजीज, पारस डिफेंस और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में भी 30% से अधिक की वृद्धि हुई है। रक्षा PSU कंपनी HAL, जो तेजस जेट और ध्रुव हेलीकॉप्टर बनाती है, के शेयरों में 16% की तेजी आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार स्वदेशी हथियारों की सफलता को देखते हुए रक्षा क्षेत्र को और ऑर्डर देगी। इससे निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे।











